जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय बजट पेश होने से पहले रविवार को बाजार लाल निशान पर खुला। हालांकि, कारोबार के दौरान बाजार हरे निशान में आ गया, और सुबह 10:39 बजे तक सेंसेक्स 255.96 अंक चढ़कर 82,525.74 अंक पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 56.60 अंक चढ़कर 25,377.25 अंक पर पहुंच गया।
शुरुआती कारोबार में, सेंसेक्स 15.04 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 82,254.74 अंक पर आ गया, जबकि निफ्टी 31.75 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 25,288.90 अंक पर आ गया। आज भारत का आम बजट पेश होने वाला है। रविवार का दिन होने के बावजूद, शेयर बाजार में सामान्य दिनों की तरह कारोबार होगा, क्योंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) ने इसकी घोषणा की है।
विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन
एनएसई और बीएसई ने एक सर्कुलर जारी करते हुए बताया कि बजट की अहमियत को देखते हुए 1 फरवरी को ‘विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र’ आयोजित किया जाएगा। इन एक्सचेंजों का कहना है कि बजट के बड़े नीतिगत घोषणाओं पर बाजार को तत्काल प्रतिक्रिया देने का अवसर मिलना चाहिए, इसलिए रविवार को भी बाजार खुले रहेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि इतिहास में सिर्फ एक बार, 28 फरवरी 1999 को जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब भी रविवार को शेयर बाजार में कारोबार हुआ था।
रविवार को बाजार खोलने का कारण
बाजार के जानकारों का मानना है कि बजट के दिन शेयर बाजार का खुला रहना बेहद जरूरी है। आमतौर पर वित्त मंत्री का बजट भाषण सुबह 11 बजे शुरू होता है, जिसमें राजकोषीय घाटे, टैक्स स्लैब और विभिन्न सेक्टर-विशिष्ट घोषणाएं होती हैं। इसके मद्देनज़र रविवार को बाजार खोलने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
तत्काल फैसला: निवेशक बजट की घोषणाओं का प्रभाव तुरंत कीमतों पर देख सकेंगे और त्वरित निर्णय ले सकेंगे।
जोखिम प्रबंधन: यदि बाजार बंद रहता, तो निवेशकों को प्रतिक्रिया के लिए सोमवार तक का इंतजार करना पड़ता, जिससे अनिश्चितता बढ़ती। रविवार को बाजार खुलने से निवेशक उसी दिन अपनी पोजीशन को मैनेज कर सकेंगे।
पारदर्शिता: अगर छुट्टी के दिन बजट आता, तो ऑफ-मार्केट सट्टेबाजी का खतरा हो सकता था। लाइव ट्रेडिंग सत्र से इसे नियंत्रित किया जा सकेगा।

