- मखदूमपुर कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेले का मुख्य गंगास्नान आज, दीपों से जगमग हुई मां गंगा
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: पितरों की आत्मा शांति के लिए कार्तिक पूर्णिमा मुख्य गंगा स्नान आज है। सोमवार को पूर्व संध्या पर श्रद्धालुओं ने पितरों को दीपदान किया। इसके लिए श्रद्धालु मखदूमपुर गंगा घाट व हस्तिनापुर स्थित प्राचीन गंगा नदी पर पहुंचे।
आत्मा की शांति के लिए श्रद्धालु गंगा तट पर दीपदान करते हैं। ऐतिहासिक पावन तीर्थ क्षेत्र हस्तिनापुर की बूढ़ी गंगा और जैन मन्दिर के आसपास लगने वाले पांच दिवसीय मेले के दूसरे दिन सोमवार को दूरदराज से आये हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर पितरों की आत्मा शांति के लिए गंगा में दीप दान किया।

मखदूमपुर गंगा घाट पर आयोजित गंगा मेले में सोमवार देर शाम तक जहां कुआं पूजन, गंगा पूजन आदि के नजारे देखने को मिले। वहीं, सूरज ढलते ही गंगा नदी की धार दीपों की रोशनी से जगमग हो गई। लोगों ने गंगा किनारे देर शाम पितरों की आत्मा शांति के लिए गंगा में दीपदान किया।
डीजे की धुनों पर हुआ कुआं पूजन
बदलते समय के साथ हर चीज बदल जाती है। जिसका एक नजरा सोमवार को मखदूमपुर मेले में कुआं पूजन को आई महिलाओं ने भी कर दिखाया। जब ढोल न मिलने पर एक परिवार की महिलाओं ने डीजे में चल रहे फिल्मी गीतों के साथ कुआं पूजन की परम्परा निभायी। वहीं, गंगा मेले में लगी दुकानों पर महिलाओं व बच्चों ने जमकर खरीदारी की। मेले में तीसरे दिन भी असामाजिक तत्वों का बोलबाला रहा। जिसके कारण मेले में कई महिलाओं से छेड़छाड़ की घटनाएं हुई।
मेले में नजर नहीं आए हैंडपंप
जिला पंचायत अधिकारियों ने मेले में पीने के पानी व्यवस्था को ठीक बनाए रखने के लिए 250 हैंडपम्प लगाने का उद्घाटन से पहले कही थी, लेकिन मेला स्थल पर अधिकतम 100 नल ही नजर आ रहे थे। जिनमें से कई हैंडपम्प खराब पड़े थे। नल ठीक करने वाले एक कर्मचारी ने अपना नाम गुप्त रखते हुए कहा कि जब मेले में 150 नल ही आये हैं तो 250 कहां से लग गये।

