Thursday, March 26, 2026
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निगम की लापरवाही से हो सकता है बड़ा हादसा

  • बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में बनाया जा रहा था बेसमेंट, डाकघर की दीवार में आई दरार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: घंटाघर स्थित मुख्य डाकघर की जर्जर दीवार को लेकर जहां एक तरफ डाक विभाग के द्वारा नगर निगम एवं कॉम्प्लेक्स डवलपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं अब एक बड़ा सवाल यह है कि जर्जर दीवार कौन-सा विभाग गिरायेगा। अक्सर देखा गया है कि छोटी-छोटी लापरवाही एक बडेÞ हादसे का कारण बन जाती है। प्रथम दृष्टता सामने आने वाले मामले पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं करना एक बडेÞ हादसे को न्योता देती है। जब बड़ा हादसा होता है तो उसमें जो वास्तव में दोषी हैं।

वह तो अपने रसूख के चलते बच निकलते हैं और गाज छोटे अधिकारियों व कर्मचारियों पर गिरती है। घंटाघर के निकट स्थित मुख्य डाकघर की दीवार में दरार किसी गलती से आई उस पर डाक विभाग के द्वारा भले ही निगम व बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट तैयार कराने वाले संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई हो, लेकिन अभी तक मूल समस्या का समाधान नहीं हो सका। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स संचालक नगर निगम को दोषी ठहरा रहा है और नगर निगम उसे दोषी ठहरा रही है।

दोनों एक-दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ने में लगे हैं, लेकिन इन दोनों के बीच यदि नुकसान हो रहा है तो वह डाकविभाग एवं स्थानीय लोगों का हो रहा है। डाक विभाग को भवन में कामकाज बंद करके दूसरी जगह अस्थाई रूप से सिफ्ट करना पड़ रहा है। फिलहाल दोनों के बीच में पिस रहे डाक विभाग के मुख्य डाक अधीक्षक एसके शर्मा ने नगर निगम को जर्जर भवन की दीवार गिराने के लिये एक पत्र लिखा उस पत्र में शासनादेश का हवाला देते हुये कहा कि 331ए के अंतर्गत निगम को कार्रवाई करनी चाहिए।

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ताकि जर्जर दीवार गिरने के कारण कोई बड़ा हादसा न हो सके, लेकिन बताया गया कि अभी तक उस पत्र का कोई संतोष जनक जवाब नहीं आ सका। जिसके चलते डाक विभाग में कार्य करने वाले कर्मचारी एवं स्थानीय लोगों की जर्जर दीवार के कारण सांसे अटकी हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि नगर निगम बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स निर्माण के दौरान बेसमेंट तैयार करने एवं नाला चौक होने के कारण जलभराव की समस्या के कारण बार-बार पाइप लाइन लीकेज हो रही थी। उसे गंभीरता से लेती तो डाकघर की दीवार में दरार न आती और वह जर्जर न होती।

नगरायुक्त अमितपाल शर्मा से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। वहीं, इस संबंध में अपर नगरायुक्त ममता मालवीय से बात की तो उन्होंने बताया कि डाक विभाग को चाहिए कि वह अपनी दीवार को ध्वस्त कराये। वहीं, यदि नगर निगम के द्वारा दीवार को नियमानुसार गिराया जाना बताया जा रहा है तो उसके लिये वह विधिक राय लेंगी।

घंटाघर डाकघर में दिनभर चलता रहा कामकाज

घंटाघर स्थित डाकघर की दीवार में दरार आने के बावजूद इसके भवन में बदस्तूर कामकाज जारी है। वहीं, डाकघर को शिफ्ट करने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं, इस समय डाक घर के सभी कर्मचारी दहशत के साए में काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि एक साथ डाकघर को खाली नहीं किया जा सकता क्योंकि ऐसा करने से खाता धारकों की भीड़ बाहर एकत्रित होना शुरू हो जाएगी जिसको संभाल पाना मुश्किल हो जाएगा।

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शहर घंटाघर स्थित प्रधान डाकघर में दरार आने के बाद असुरक्षित मानते हुए भवन को खाली कराने का काम चल रहा हैं, लेकिन वहां बैठे कर्मचारी अभी दहशत के साए में काम कर रहे है। प्रवर डाक अधीक्षक अनुराग निखारे का कहना है कि कैंट डाकघर में भी इतनी जगह नहीं थी। इसलिए घंटाघर डाकघर को पुराने पासपोर्ट आॅफिस में शिफ्ट किया जा रहा है।

जब तक घंटाघर डाकघर का काम पूरा नहीं होता है। तब तक वहीं से सारे काम संचालित किए जाएंगे। डाकघर को खाली करने में अभी एक सप्ताह का समय लग सकता है, क्योंकि रिकॉर्ड को धीरे-धीरे भेजा जा रहा है। कैंट में शिफ्ट होने के बाद घंटाघर डाकघर के ग्राहक कैंट में संपर्क करेंगे।

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