Saturday, March 7, 2026
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36 लाख के कूड़ेदान चोरी, सड़कों पर कूड़े के ढेर

  • नगर निगम के अधिकारियों की उदासीनता से सैकड़ों कूड़ेदान चोरी, नहीं कराई गई रिपोर्ट दर्ज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: महानगर में इंदौर और बैंगलूरू की तर्ज पर चमचमाते स्टील के ढक्कन लगे 36 लाख की कीमत के करीब सैंकड़ों कूड़ेदान चुरा लिए गए। जहां ये कूड़ेदान लगाए गए थे वहां अब सड़क पर कूड़े के ढेर लग रहे हैं। नगर निगम के अधिकारियों की उदासीनता देखिए कि सैकड़ों कूडेÞदान चोरी होने के बावजूद किसी ने इन चोरियों की रिपोर्ट दर्ज कराने की जहमत नहीं की। सड़कों पर कूड़े के ढेर से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है।

उल्लखनीय है कि महानगर को इंदौर व बैंगलूरू की तर्ज पर सुंदर बनाने के लिए करीब ढाई वर्ष पूर्व 36 लाख खर्च करके 900 स्टेनलैस स्टील के कूड़ेदान हर वार्ड में लगवाए गए थे। स्टील के स्टैंड पर ढक्कन लगे दो स्टेनलैस स्टील के दो-दो कूड़ेदान सुंदर लगते थे। प्रत्येक कूड़ेदान के सैट की कीमत चार हजार रुपये थी। इन्हें स्टैंड पर इस तरह लटकाया गया था कि ताकि उन्हें नीचे की ओर झुकाया जा सके और फिर उन्हें सीधा खड़ा किया जा सके। सभी प्रमुख चौराहों, सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, अस्पतालों, बस अड्डों के आसपास इन कूड़ेदानों को लगवाया गया था।

इन कूड़ेदानों का शुरू में आकर्षण रहा, इनमें लोगों ने कूड़ा डाला। सफाई कर्मचारियों ने इनसे कूड़ा निकाला, लेकिन धीरे-धीरे सफाईकर्मियों ने इन कूड़ेदानों से रोजाना कूड़ा निकालने में आलस्य किया। इसके साथ इन कूड़ेदानों में कई कई दिन कूड़ा भरा रहा और लोग कूड़ेदान के बाहर भी कूड़ा डालने लगे। इससे इन कूड़ेदानों की बदहाली शुरू हो गई। कुछ समय बाद ये कूड़ेदान टूटने शुरू हो गए। कोई स्टैंड में एक ओर लटक गया तो कोई टूटकर जमीन पर गिर गया। इसके साथ ही इन कूड़ेदानों की चोरी शुरू हो गई।

अधिकारियों ने कभी इन कूड़ेदानों की चोरी को गंभीरता से नहीं लिया। न ही किसी ने इन कूड़ेदानों के चोरी होने की रिपोर्ट थानों में दर्ज कराई। आखिरकार चंद गिने चुने स्थानों या प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों में ही उक्त कूड़ेदान नजर आते हैं। जहां इन कूड़ेदानों को लगाया गया था, वहां अब सड़क पर की कूड़ा डाला जा रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेरों के कारण सड़कों से उठती दुर्गंध और बढ़ते प्रदूषण से लोग बेहाल हैं।

स्टील के कूड़दान क्षतिग्रस्त होकर खत्म हुए: डा. हरपाल

प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह का कहना है कि कुछ स्टील के कूड़ेदान क्षतिग्रस्त होकर खत्म हो गए। काफी स्थानों पर स्टील के कूड़ेदान लगे हैं। दोबारा स्टील के कूड़ेदानों की खरीद नहीं की गई, इसलिए जहां क्षतिग्रस्त हुए थे वहां स्टील के कूड़ेदान की जगह दूसरे कूड़ेदान रखे गए हैं।

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