जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश की सियासत के लिए अहम माने जाने वाले पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा, जिसमें संभवतः चुनाव कार्यक्रम और तारीखों का एलान किया जाएगा।
चुनाव आयोग की घोषणा का महत्व
यह घोषणा राजनीतिक दलों और मतदाताओं दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इससे साफ होगा कि चुनाव कब और कैसे होंगे। आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस में हर राज्य के मतदान कार्यक्रम की जानकारी देगा। इन चुनावों को न केवल संबंधित राज्यों के लिए, बल्कि अगले साल होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।
मतदान के चरण और योजना
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चुनाव तीन से चार चरणों में कराए जा सकते हैं, जबकि असम में दो चरणों में मतदान की संभावना है। तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतदान एक ही चरण में संपन्न कराने की तैयारी है।
चुनाव आयोग सुरक्षा, मतदान कार्यक्रम और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बहु-चरणीय मतदान की योजना बना रहा है। खासकर पश्चिम बंगाल में बड़ी आबादी, संवेदनशील इलाके और सुरक्षा कारणों को देखते हुए यह जरूरी माना गया है। इस तरह की तैयारी से चुनाव प्रक्रिया सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से पूरी होगी।
राजनीतिक मायने
चुनावी तारीखों का एलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोलकाता रैली के एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें उन्होंने राज्य में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कथित अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर आरोप लगाए थे। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग पर पक्षपाती कार्रवाई का आरोप लगाते हुए संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया था।
एसआईआर प्रक्रिया और ताजा अपडेट
चुनाव आयोग ने जून 2025 से 11 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर अभियान चलाया। इसमें सभी मतदाताओं को फॉर्म जमा करना पड़ा और कुछ को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़े। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी इस प्रक्रिया में शामिल थे, जबकि असम को राष्ट्रीय स्तर पर शामिल नहीं किया गया क्योंकि वहां राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) अभी प्रकाशित नहीं हुआ है।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया में मतदाता संख्या में कुल 18.98 करोड़ की कमी हुई है। यूपी में यह प्रक्रिया अभी चल रही है और अंतिम सूची 10 अप्रैल को प्रकाशित होगी। बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इसे अप्रैल के बाद जारी रखने की योजना है।

