Saturday, March 14, 2026
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आचार संहिता के साथ चुनावी शंखनाद

  • निर्वाचन आयोग ने जारी की चुनाव आचार संहिता
  • जनपद में दूसरे चरण में 11 मई को होगा मतदान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: निकाय चुनाव की रविवार को आचार संहिता लागू कर दी। इसके बाद विधिवत चुनावी शंखनाद हो गया। राजनीति के दिग्गज अपनी-अपनी राजनीतिक गोटियां बिठाने में लग गए। राजनीतिक दलों को संभावित मेयर प्रत्याशी टिकट पाने के लिए आवेदन भी कर रहे हैं।

भाजपा, सपा-रालोद और बसपा के अलावा भी कई पार्टियां चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारेगी। अगले पांच से छह दिन के भीतर प्रत्याशी भी पार्टियां तय कर देगी। भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई भाजपा दिग्गजों ने क्रांतिधरा पर डेरा लगा दिया हैं। तीन घंटे चली, जिसमें निकाय चुनाव को लेकर रणनीति बनाई गयी।

प्रदेश में दो चरणों में नगर निकाय चुनाव कराया जायेगा, जिसमें प्रथम चरण में 4 मई व द्वितीय चरण में 11 मई को मतदान होगा। दोनों चरणों के मतदान की घोषणा 17 मई को की जायेगी। आचार संहिता जारी होते ही जो पार्टी के सिंबल पर चुनाव मैदान में कूदने की तैयारी कर रहे हैं। मेयर के चुनाव में तमाम दिग्गज टिकट हथियाने के लिए जुट गए हैं। मेयर पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित हैं।

इसी वजह से पिछड़ा वर्ग के दिग्गज टिकट पाने की लाइन में लगे हुए हैं। प्रत्येक दल में पिछड़ वर्ग के नेताओं की लंबी लाइन लगी हैं। मजबूत दावेदारी में किसका नाम शामिल हो उसके लिये अपने-अपने स्तर से प्रत्याशी पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ पार्टी के हाईकमान स्तर के जो पदाधिकारी है, उनके संपर्क में हैं, ताकि पार्टी उनका नाम घोषित करें। उसके लिये वह ऐड़ी चोटी का जोर लगाये हुए हैं।

प्रदेश में निकाय चुनाव की आचार संहिता लगते ही जनपद में एक नगर निगम, दो नगर पालिका परिषद एवं 13 नगर पंचायतों के लिये निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे लोगों की सक्रियता बढ़ गई है। निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने का इंतजार था, जोकि रविवार को खत्म हो गया। निर्वाचन आयोग के द्वारा निकाय चुनाव के लिये चुनाव आचार संहिता लागू कर दी,

जिसके बाद जो लोग चुनाव में अपनी किस्मत अजमाना चाहते हैं। वह पूरी तरह से सक्रिय हो गये हैं, जो लोग बिना पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वह तो आरक्षण सूची जारी होते ही मजबूती से चुनाव मैदान में कूद गये हैं, जो लोग पार्टी के सिंबल पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। वह अभी पसोपेश में है कि क्या उनका नाम पार्टी के द्वारा फाइनल किया जायेगा या नहीं,

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यदि उनका नाम फाइनल नहीं हुआ तो वह जो चुनाव के लिये जोर आजमाइश कर रहे हैं। उनकी वह मेहनत बेकार जा सकती है। वह फिलहाल खुलकर चुनाव मैदान में नहीं उतर पा रहे हैं। पार्टी हाईकामन के पास उनकी लिस्ट तो पहुंच गई है, लेकिन उन्हे अपने नाम फाइनल का इंतजार है कि उनका नाम कब घोषित होगा। पार्टी सूत्रों की माने तो दो तीन दिनों के भीतर ज्यादातर सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जायेगी।

कुछ सीटों पर चार से पांच दिन का समय भी लग सकता है। जहां पर मजबूत दावेदारी है और कई कई नाम स्थानीय स्तर से भेजे गये हैं। उनके लिये पार्टी हाईकामन को मत्था पच्ची करनी पड़ सकती है। महानगर में नगर निगम एवं सरधना व मवाना में नगर पालिका परिषद व 13 नगर पंचायतों में लावड़, खरखौदा, बहसूमा, हर्रा, खिवाई, करनावल, किठौर, शाहजहांपुर, दौराला, फलावदा, सिवालखास, परीक्षितगढ़, फलावदा शामिल हैं।

जल्द ही अध्यक्ष एवं पार्षद व सभासद पद पर पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशी घोषित करेंगी। अब चुनाव तिथि के बाद पार्टियों के प्रत्याशियों के नाम का इंतजार शेष है। पार्टी के सूत्रों की माने तो वह इंतजार भी दो तीन दिन के भीतर खत्म हो जायेगा।

भाजपा में मेयर के लिए इनकी हुई दावेदारी

निकाय चुनाव में सर्वाधिक टिकट पाने वालों की लंबी लाइन भाजपा में हैं। मेयर पद के लिए शहर से 30 भाजपा नेताओं ने आवेदन किये हैं, जिसमें पिछड़ा वर्ग के कई दिग्गज भी शामिल हैं। भाजपा में समय सिंह सैनी, कोपरेटिव बैंक चेयरमैन मनिंदरपाल सिंह, कैंट बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा, रविन्द्र तेवतिया, रविन्द्र सिंह, डा. जितेन्द्र चिकारा, पूर्व मेयर हरिकांत अहलूवालिया, भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र चौधरी, मनोज पोसवाल, विनय प्रधान, विनोद चौधरी समेत 30 लोगों के आवेदन भाजपा संगठन में पहुंचे हैं। इनमें किसको टिकट दिया जाएगा, जिसको लेकर भाजपा के दिग्गजों ने रविवार को गोपनीय मीटिंग भी की तथा कुछ नामों को लेकर चर्चा भी की।

निकाय चुनाव की तैयारी में जुटे प्रत्याशी

नगर निकाय चुनाव के लिये जारी आरक्षण की सूची में आपत्तियों के बाद भी कोई बदलाव नहीं हुआ। जिसके बाद प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरकर अपनी जीत के लिये जुट गये हैं। महानगर में महापौर पद के लिये ओबीसी वर्ग से चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतरेगा।

वहीं नगर निगम क्षेत्र में 90 वार्डों में आरक्षण के हिसाब से प्रत्यासी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में जुट गये हैं। आपत्ति के बाद किसी भी वार्ड में आरक्षण में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। जिसके बाद जिस श्रेणी में उनका वार्ड घोषित हुआ था। वहीं, यथावत रहने पर अब उसी श्रेणी का प्रत्यासी चुनाव मैदान में उतरकर मजबूती से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गये हैं। फिलहाल महापौर एवं वार्ड सभासद चुनाव मैदान डट गये हैं।

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