चुनाव सिर पर हैं। ऐसे में जनता के बीच नेता जी जाएंगे तो फिर उन्हें कई मुद्दों को लेकर सामना करना पड़ेगा। सलावा (सरधना) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की घोषणा की थी, जिसमें एक र्इंट तक अभी नहीं लगी। हवाई अड्डा लेकर आने की बात पूर्व कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने कही थी। कहा था कि मैं चार्ज लेने में चार दिन लेट हुआ हूं, लेकिन इस बीच में हवाई अड्डा मेरठ के लिए लेकर आया हूं। आखिर ये हवाई अड्डा हैं कहां? जनता यहीं पूछेगी। क्योंकि लंबे समय से जनता के बीच हवाई अड्डा चालू करने के दावे किये जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हैं। इनर रिंग रोड के प्रोजेक्ट पर दो दशक से काम चल रहा हैं। ग्राउंड स्तर पर इनर रिंग रोड कहीं नजर नहीं आती हैं। इसकी फाइल फुटबाल बनी हैं। कभी पीडब्लयूडी के पास तो कभी मेरठ विकास प्राधिकरण के पास। इस तरह से फिर से प्राधिकरण के पास इनर रिंग रोड की फाइल पहुंच गई हैं। कौन बनायेगा, ये कहना मुश्किल हैं। मल्टीलेवल पार्किंग भी इसी तरह से घोषणा दर घोषणा हो रही हैं, काम कभी नहीं चला। एक बार पैसा भी लैप्स होकर चला गया। जुर्रानपुर में रेलवे का पुल हो या इनर रिंग रोड। मल्टीलेवल पार्किंग हो या फिर महायोजना 2021 के तहत बस अड्डों की शिफटिंग और नए ट्रांसपोर्टनगर बनाने का काम। मेरठ में सब हवा में है। अब खेल विवि का प्रोजेक्ट भी इसी राह पर न चला जाए। सलावा में खेल विवि की नींव की ईंट तो नहीं रखी गई यहां पास में ही ठंडी बियर की दुकान जरूर खुल गई है। युवाओं ने विवि की प्रस्तावित जमीन पर लकड़ी के लटठों के सहारे कसरत का रास्ता खोजा है।
- खेल विवि से पहले खुली बियर की दुकान, कसरत का जुगाड़
- मेरठ से खेल, जुर्रानपुर पुल के बाद खेल विश्वविद्यालय भी हवा में
- 2 जनवरी 2022 को हुआ था शिलान्यास, विवि में नहीं लगी नींव की र्इंट
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीएम मोदी और सीएम योगी ने दो जनवरी 2022 को सलावा में खेल विवि का शिलान्यास किया। करीब 37 हेक्टेयर जमीन में 700 करोड़ की लागत से खेल विवि बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। यूपी सरकार ने करीब 388 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी किया। इसके बावजूद यहां खेल विवि का निर्माण शुरू नहीं हो पाया। यहां प्रस्तावित जमीन में झा़ड़ खड़े हैं।

युवाओं ने एक छोटे से हिस्से को साफ करके पिलखन के दो पेड़ों के सहारे बीम लगाने का जुगाड़ बना लिया है। इन पर तिरंगा भी लगाया गया है। ऐसे जुगाड़ मैदान में दो जगह बनाए गए हैं। इस मैदान से कुछ दूरी पर ही ठंडी बियर की दुकान खुल गई है। मैदान में भी बियर की खाली केन बिखरी हैं।
सेल्फी प्वाइंट और पिकनिक स्पॉट का बुरा हाल
खेल विवि के शिलान्यास के पहले सलावा झाल पर एक पिकनिक स्पॉट डेवलप करके यहां सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया था। अब यह सब नष्ट हो चुका है।
3 सरकार, 12 साल, एक पुल को नहीं मिली जमीन
इनर रिंग रोड बनाने के लिए जुर्रानपुर में रेलवे लाइन पर वर्ष 2011 में एक पुल बनाया गया। तब प्रदेश में बसपा सरकार थी। इसके बाद अखिलेश सरकार और फिर योगी सरकार आई। इस पुल को तीन दलों की प्रदेश सरकारें भी एप्रोच रोड के लिए जमीन नहीं दिलवा पाईं।
महायोजना 2021 धड़ाम, अब 2031 पर होगा काम
महायोजना 2021 के तहत शहर में दो नए ट्रांसपोर्टनगर, भैसाली और सोहराब गेट बस अड्डे को शहर से बाहर शिफ्ट कर पांच नए बस अड्डे बनाने की योजना थी। वर्ष 2004 में बनी महायोजना में इनमें से किसी पर भी अमल नहीं हो पाया। अब महायोजना 2031 में शहर का विस्तार करीब एक हजार वर्ग किमी तक करने की योजना है। यह पूर्व की महयोजना से दोगुना है।

