दूसरे चरण में मेरठ हापुड़ लोकसभा का मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो जाने के बाद जहां नागरिक शांति व अमन महसूस कर रहे हैं। वहीं सांसद बनने के दावेदारों ने भी अपने परिवार को पूरा समय दिया। मुख्य मुकाबले में फाइट कर रही सपा गठबंधन प्रत्याशी सुनीता वर्मा ने फिर से रसोई संभाल ली है। उन्होंने अपने परिजनों की फरमाइश पर उनके लिए खाना बनाया। वहीं बसपा प्रत्याशी देवव्रत त्यागी ने अपने पूरे परिवार के साथ पूरे दिन सुकून व चेन के पल गुजारकर अपना तनाव दूर किया। बसपा प्रत्याशी घर से बाहर नहीं निकले। उधर, भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल भी शनिवार की सुबह-सुबह मेरठ को अपनी राम-राम कहकर मुंबई के लिए प्रस्थान कर गए हैं।
अरुण की मेरठ को राम-राम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चुनावी महासमर में उतरने लंकापति की ससुराल आए छोटे पर्दे के राम शनिवार को तड़के ही मेरठ को बॉय-बॉय कर गए। कैंट स्थित सर्कुलर रोड के जिस बंगला-244 में उन्होंने ठिकाना बनाया हुआ था, उस बंगले में सन्नाटा पसरा हुआ है। जो बेहद करीबियों में शुमार किए जाते हैं, सुबह जब वो बंगले पर पहुंचे तो गेट भीतर से लॉक था। कई बार आवाजें देने के बाद कोई शख्स गेट पर आया, उससे पता चला कि छोटे पर्दे के रामजी यानि अरुण गोविल पत्नी श्रीलेखा संग तड़के ही मुंबई के लिए निकल गए हैं।

बताया गया कि उन्हें कुछ काम था। हालांकि करीबियों की माने तो पता चला है कि शुक्रवार को हुए मतदान और मतदान के बाद उनकी निजी टीम की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट के बाद बुरी तरह उखड़ गए। सर्कुलर रोड स्थित बंगला 244 जिसमें टीवी के ‘राम’ का ठिकाना था, पहले यह बंगला आबूलेन स्थित राजमहल होटल के मालिक रमेश ढींगरा के आधीन हुआ करता था। उनके स्टाफ के काफी लोग रहते थे। यह वही बंगला है जिसमें सिने स्टार नसीरुद्दीन शाह का निकाह पढ़ाया गया था।
बंगला काफी करीने से बना है। इसमें मेन हाल में ही बेडरूम था। इसके अलावा बेडरूम बनाने के लिए अगले से भी रूम हैं। किचन काफी बड़ी है। इसका एक हिस्सा पीछे की तरफ खुलता है। यहां की सुबह काफी रंगीन व शाम सुहानी होती है। कुदरत की गोद में होने का अहसास दिलाती है।
आज सिर्फ घर की बात: सुनीता
समाजवादी पार्टी गठबंधन प्रत्याशी सुनीता वर्मा का टिकट जिस हाल में हुआ। उससे मेरठ ही नहीं बल्कि पूरे देश भर के राजनीतिक हलकों में इसकी चर्चा होती है। एक बड़ी वजह तो यह रही कि पहले दो दावेदारो को किनारे करके नामांकन के बिल्कुल आखिरी दिन पूर्व महापौर सुनीता वर्मा का नाम फाइनल हुआ। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के सरकारी जहाज से लखनऊ से पहले हिंडन एयरबेस और उसके बाद सड़क मार्ग से दौड़कर सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पर सुनीता वर्मा अपने शौहर पूर्व विधायक योगेश वर्मा के साथ पहुंची। नामांकन करने के बाद 4 अप्रैल से सुनीता वर्मा अपने परिवार से दूर हो गर्इं।

सुबह 7 बजे से लेकर रात 12-12 बजे तक पूरे लोकसभा क्षेत्र में गांव-गांव, शहर-शहर और गली-गली घूमकर जनता के बीच पहुंचने की जद्दोजहद में सुनीता वर्मा अपने परिवार को थोड़ा भी समय नहीं दे सकीं। अब मतदान होने के ठीक अगले ही दिन शनिवार को सुनीता वर्मा अपने पल्लवपुरम स्थित निवास पर सुबह आराम से उठीं। इसके बाद उन्होंने रसोई संभाली और घरवालों की पसंद के मुताबिक खाना बनाया। शुरुआत चाय से हुई। चाय के दौर दिन भर में दर्जनों बार चले और हर बार सुनीता वर्मा ने इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाया। सुनीता वर्मा ने अपने परिवार को ही पूरा समय दिया और सियासत की कोई भी बात नहीं की।
भागदौड़ के बाद सुकून: देवव्रत
मेरठ-हापुड़ लोकसभा से तीसरे प्रत्याशी बहुजन समाज पार्टी के देवव्रत त्यागी रहे। सपा गठबंधन और भाजपा के इतर देवव्रत त्यागी ऐसे इकलौते प्रत्याशी कहे जा सकते हैं। जिनका टिकट सबसे पहले न सिर्फ घोषित हुआ। बल्कि अंत तक वही रहा। देवव्रत त्यागी ने अपना नामांकन होने के बाद बसपा के कैडर वोटर के साथ-साथ सर्व समाज के बीच पहुंचकर उसको अपनी नीतियां समझार्इं। उनके साथ उनके छोटे भाई सुनील त्यागी पूरी तरह ढाल बनकर रहे। सुनील त्यागी ने शनिवार की सवेरे ही पीवीएस मॉल के सामने शास्त्री नगर स्थित अपने निवास पर सुबह सवेरे उठकर पहले तो अखबारों की सुर्खियां देखीं।

उसी दौरान बसपा के कुछ परंपरागत कार्यकर्ताओं से सूक्ष्म मीटिंग की। इसके बाद देवव्रत त्यागी अपनी पत्नी विजय लक्ष्मी त्यागी तथा अपने पुत्र अनुभव त्यागी व पुत्रवधु तरुण त्यागी के साथ पूरा समय व्यतीत किया। देवव्रत की दोनों पोतियां 10 वर्षीय जान्या त्यागी व 6 वर्षीय श्रीनिका त्यागी उर्फ भुट्टक के साथ खुशनुमा पल बिताये। इसी दौरान उनके चारों धेवते और एक धेवती भी आ गई। देवव्रत से मिलने दिन भर कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आना जाना लगा रहा, लेकिन देवव्रत ने आज का पूरा दिन अपने परिवार के साथ ही बिताया। देवव्रत कहते हैं कि आज महीने भर बाद घर की बनी चाय नसीब हुई।

