Saturday, March 21, 2026
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विद्युत पोलों पर अतिक्रमण की भरमार

  • बिजली विभाग बना अनजान, किसी बड़े हादसे का इंतजार
  • नगर पंचायत द्वारा बनवाई गई धर्मशाला ने किया अतिक्रमण

जनवाणी संवाददाता |

खरखौदा: अब तक आपने सरकारी जमीन, सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को अतिक्रमण करते देखा सुना होगा, अब लोगों ने बिजली के खंभों पर अतिक्रमण करना शुरू कर दिया है। वहीं आम लोग क्यों न करें, जब नगर पंचायत ने ही धर्मशाला निर्माण में विद्युत पोल पर अतिक्रमण कर लिया। बिजली के खंभों पर हो रहे अतिक्रमण से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बिजली विभाग इस और से अनजान बना हुआ है। शायद उसे किसी बड़े हादसे का इंतजार है।

कस्बे में बिजली विभाग की लापरवाही से या यूं कहें मिली भगत से कस्बे में आधा दर्जन बिजली के खंभों पर अतिक्रमण कर अपना कब्जा कर मकान के छज्जे के अंदर ले लिया है। जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसे होने का खतरा बना रहता है। कस्बा निवासी लोगों ने मकान का निर्माण करते समय मकान से सटे खड़े बिजली के खंभों पर अतिक्रमण करते हुए मकान बनाते समय एलटी, हाइटेंशन लाइन के बिजली के खंभों को ही छज्जे के अंदर चिनवा लिया गया।

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जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अब तक लोग गली, मोहल्लों, सरकारी जमीन, तालाब, रास्ते आदि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर कब्जा करते व झगड़ते चले आ रहे हैं, लेकिन अब लोगों ने बिजली के खंभों को निशाना बना कर उन पर कब्जा कर लिया है। इस ओर से बिजली विभाग अनजान बना हुआ है। इसे बिजली विभाग की लापरवाही या सांठगांठ कह सकते हैं। कब्जा करने वाले लोग यह नहीं जानते की इसकी वजह से भविष्य में जान हानि के साथ आर्थिक नुक्सान भी हो सकता है।

मकान से खंभों की दूरी होनी चाहिए डेढ़ मीटर

विभाग के अनुसार मकान से हाइटेंशन लाइन अथवा खंभे की दूरी 1.2 मीटर से 3.7 मीटर दूरी होनी चाहिए, लेकिन यहां सब कानून ताक पर रखकर खंभों को मकान की छत की बाउंड्री के अंदर ले लिया। ऐसे में अगर कोई हादसा हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा।

खंभा हटवाने में हजारों रुपये का खर्चा

विद्युत विभाग के सूत्रों की मानें तो विद्युत पोल एक स्थान से हटाकर दूसरे स्थान पर लगवाने पर करीब 15 से 20 हजार रुपये का खर्चा (बिल ) के अलावा किसी का कोई विरोध नहीं होना चाहिए। शायद यही वजह है कि लोगों ने रुपये बचाने व विरोध के लफड़े से बचने के लिए खंभे पर अतिक्रमण करना उचित समझा।

नगर पंचायत ने विद्युत पोल पर किया अतिक्रमण

कस्बा स्थित एक वार्ड में नगर पंचायत द्वारा 15वें वित्त आयोग द्वारा प्राप्त धनराशि से धर्मशाला का निर्माण कराया गया है। इसी धर्मशाला के पास लगे पोल हटवाने की बजाय नगर पंचायत ने उस पर अतिक्रमण करा दिया। धर्मशाला का शिलान्यास मेरठ-हापुड़ लोकसभा से सांसद राजेंद्र अग्रवाल के द्वारा किया जा चुका है, लेकिन सभी ने देखने के बाद नजर अंदाज कर दिया।

जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी: एसडीओ

विद्युत पोल को मकान के छज्जे में लेने के बारे विद्युत उपखंड तृतीय अधिकारी भरत लाल वर्मा का कहना है ऐसे मामला जानकारी में नहीं है। भवन निर्माण नगर पंचायत के अधीन होते हैं। जांच कर नगर पंचायत व विभागीय कार्रवाई कराई जाएगी।

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