- मेरठ से शामिल होगा आईआईए और दूसरे संगठनों से जुड़े उद्यमियों की 50 कारों का काफिला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एनसीआर में आयद की गई सीएक्यूएम की पाबंदी के विरोध में 12 अक्टूबर को 50 संगठनों से जुड़े हजारों उद्यमी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देते हुए रैली निकालेंगे। आईआईए मेरठ चैप्टर के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजीव गुप्ता ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस विरोध-प्रदर्शन में भाग लेने के लिए मेरठ से 50 कारों का काफिला जंतर-मंतर जाएगा। जिसमें आईआईए के 14 जिलों की शाखाओं के साथ-साथ मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद समेत हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों से अलग-अलग संगठनों से जुड़े उद्यमी भाग लेंगे।
गौरतलब है कि सीएक्यूएम आदेश में एनसीआर में चलने वाले उद्योगों में पीएनजी से चलने वाले जेनसेट लगाने को कहा गया है। जबकि उद्यमियों का कहना है कि एनसीआर में बिजली की आपूर्ति बहुत बेहतर होती है। घंटे-आध घंटे की कटौती के दौरान ही पांच केवी से 300 केवी तक जेनसेट चलाए जाते हैं। अगर पीएनजी के जेनसेट लगाने पड़े, तो इनकी क्षमता 900 केवी या इससे अधिक होती है।
आईआईए मेरठ चैप्टर के चेयरमैन सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में निर्यात कौंसिलों की एक बैठक वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई थी। जिसमें उन्होंने विभिन्न मुद्दों को उठाया। अवगत कराया कि स्पोर्ट्स गुड्ज का निर्यात वर्ष 21/22 में पूर्व वर्ष के मुकाबले 35.82% अधिक हुआ। क्रिकेट समान स्पोर्ट्स गुड्ज का मुख्य हिस्सा है, जिसका सर्वाधिक हिस्सा बल्ला है।
जिसके लिए कश्मीर से लकड़ी मिल जाए तो निर्यात अवश्य बढ़ जाएगा। बताया कि स्पोर्ट्स इंडस्ट्री मेरठ और जालंधर में मुख्य स्थापित है। सुमनेश अग्रवाल ने कहा कि सीएक्यूएम की पाबंदी के कारण यह उद्योग मेरठ में बंदी के कगार पर है। उन्होंने कहा कि जुलाई 2023 में सीपीसीडब्ल्यू के नए नियम आने वाले हैं, इस लिए तब तक के लिए डीजी सेट पर पाबंदी स्थगित कर दिया जाए।

