Tuesday, June 15, 2021
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कोविड सेंटरों पर नो एंट्री के बोर्ड, मरीज परेशान

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  • दिनभर सड़कों पर दौड़ती रही एंबुलेंस, हालात गंभीर

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना के दूसरे लहर ने पूरे सिस्टम की कलई खोल कर रख दी है। शहर के कोविड सेंटरों पर नो एंट्री के बोर्ड लगा दिये गए हैं और गंभीर मरीज भर्ती होनेके लिये भटक रहे हैं और उनको बेड तक नहीं मिल रहा है। पूरे शहर में अफरातफरी का माहौल बन गया है और एक एक बेड लेने के लिये मेरठ तो छोड़िये दिल्ली समेत एनसीआर के लोग कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनको नहीं मिल रहा है।

कोविड की दूसरी लहर इस कदर खतरनाक है कि अप्रैल महीने में ही 8033 मरीज कोरोना संक्रमित निकल चुके हैं। कोरोना पीड़ितों के लिये प्रशासन ने मेडिकल कालेज, सुभारती, न्यूटिमा, आनंद अस्पताल और संतोष हॉस्पिटल को कोविड सेंटर बनाया गया है। इन सेंटरों में कोविड के मरीज इस कदर आ चुके हैं कि नो एंट्री की स्थिति आ गई है। सबसे बुरी स्थिति यह है कि मरीज का आॅक्सीजन लेवल कम हो रहा है और उसको फौरी राहत के लिये आॅक्सीजन सिलेंडर नहीं मिल रहा है।

मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार ने बताया कि आॅक्सीजन लेवल कम होने के कारण लोगों को आईसीयू में भर्ती कराया जाता है, लेकिन आईसीयू पूरी तरह से फुल हो चुका है। दिन भर एंबुलेंस में बैठे गंभीर मरीज कोविड सेंटरों के बाहर एंट्री का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बेड न होने की बात कह कर उनको टरका दिया जा रहा है। कोविड मरीजों की हालत बिगड़ रही है, क्योंकि अस्पतालों में जगह नहीं मिल रही है और बाजार में उनको दवाएं नहीं मिल रही है।

गत दिवस सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने दावा किया था कि लोग घबराए नहीं अस्पतालों में बेड खाली है, लेकिन हकीकत इसके विपरीत है और अस्पताल में लोगों को एंट्री नहीं मिल रही है। सांसद ने बताया कि वर्तमान स्थिति तूफान जैसी है और इससे निपटने के लिये प्रयास किये जा रहे हैं। हकीकत यह है कि सड़कों पर दिन भर एंबुलेंस दौड़ रही है और नर्सिंग होमों से लौट कर आ रही है।

आॅक्सीजन सिलेंडर के लिये नया फरमान

आॅक्सीजन की कमी के चलते सरकार ने आॅक्सीजन सिलेंडर को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। नई गाइडलाइन के अनुसार अब निजी तौर पर कोई भी आॅक्सीजन का सिलेंडर नहीं खरीद पाएगा। आदेश में कहा गया है कि स्थिति बहुत गंभीर है जिसके चलते सरकार को यह कदम उठाना पड़ा है। अब बेहद गंभीर स्थिति को छोड़कर किसी को भी निजी तौर पर आॅक्सीजन का सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। आॅक्सीजन सिलेंडर केवल संस्था को ही सप्लाई किया जाएगा। बहुत गंभीर स्थिति होने पर निजी तौर पर आॅक्सीजन का सिलेंडर दिया जा सकता है, लेकिन उससे पहले खरीदार को डॉक्टर की लिखी हुई पर्ची और अपना आधार कार्ड जमा कराना होगा।

फौरी राहत: आठ नये कोविड सेंटरों को मिली अनुमति
295 बेडों को मिली अनुमति, आॅक्सीजन और वेंटिलेटर की रहेगी सुविधा
प्रशासन ने तय की फीस, अब मरीजों को नहीं खाने होंगे धक्के
’ जनवाणी संवाददाता, मेरठ
कोरोना के बढ़ते संक्रमण और अस्पतालों में बेड न होने से परेशान मरीजों को देखते हुए प्रशासन ने आठ नये कोविड सेंटरों को मंजूरी दी है। इससे कोरोना से संक्रमित लोगों को फौरी राहत मिल जाएगी। नई व्यवस्था के तहत 295 नये बेड की अनुमति दी गई है। इसमें अधिकांश बेडों को आक्सीजन की सुविधा से जोड़ दिया गया है। प्रशासन ने इनके लिये फीस भी निर्धारित कर दी है।
सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने बताया कि कोविड 19 से संक्रमितों के इलाज के लिये आर्यावत अस्पताल दौराला को 30 बेड,जेएमसी मेडिसिटी भोला रोड 50 बेड, सुधा हास्पिटल रंगोली मंडप 50 बेड, गणपति हॉस्पिटल बागपत रोड 35 बेड, होली फैमिली हॉस्पिटल मवाना 15 बेड, धनवंतरी अस्पताल को 37 बेड, केपिटल हॉस्पिटल शास्त्रीनगर 50 बेड और ओम ट्रामा सेंटर गढ़ रोड को 65 बेडों की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि इन अनुमति में आॅक्सीजन से जुड़े बेड, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर की सुविधा दी जाएगी। इस नई सुविधा में 16 वेंटिलेटर सुविधा दी गई है। जबकि 60 से अधिक आईसीयू बेड शामिल है। उन्होंने बताया कि मेरठ ए श्रेणी का शहर है। इस कारण इन अस्पतालों में 20 प्रतिशत बेड सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और आयुष्मन के मरीजों के लिये आरक्षित होंगे। इनमें सीजीएचएस और आयुष्मान योजना लागू होगी। उन्होंने बताया कि एनएबीएच संबद्ध अस्पतालों में 10 हजार रुपये प्रतिदिन, नॉन एनएबीएच हॉस्पिटल में आठ हजार रुपये प्रतिदिन फीस देनी होगी। इसके अलावा आईसीयू की फीस 15 हजार रुपये प्रतिदिन और अत्यधिक गंभीर मरीजों जिसमें वेंटिलेटर और आईसीयू सुविधा शामिल है उसकी फीस 18 हजार रुपये शामिल है। नॉन एनएबीएच अस्पतालों में बिना वेंटिलेटर वाले आईसीयू की फीस 13 हजार और अत्यधिक गंभीर मरीजों के लिये 15 हजार रुपये प्रतिदिन तय की गई है।

आॅक्सीजन बेड करें दोगुना जिलाधिकारी करें व्यवस्था
अस्पताल करें भर्ती करने में आनाकानी तो करें कार्रवाई
प्रभारी मंत्री ने की कोरोना को लेकर समीक्षा
मेरठ: प्रदेश के ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री एवं प्रभारी मंत्री श्रीकान्त शर्मा ने गुरुवार को मेरठ में कोविड 19 के संक्रमण से निपटने की तैयारियों की संबंधित विभागों के साथ वर्चुअल समीक्षा की। आॅक्सीजन बेड की संख्या दोगुनी करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएम को, सभी अस्पतालों को आॅक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति होती रहे यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने डीएम को सभी विभागों के समन्वय से सफाई, दवाई और कड़ाई से जुड़े नियमों का गंभीरता से अनुपालन कराने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों को नियमित कॉल कर उनका हाल जानने और पॉजिटिव मरीजों को मेडिकल किट कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा भर्ती मरीजों को भी कोई असुविधा न हो, यह सुनिश्चित करें। 1 मई से वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू हो रहा है। अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगनी है, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारियां पूरी करे और डीएम इसकी मॉनिटरिंग करें। प्रभारी मंत्री ने लैब की टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए कहा, जल्द रिपोर्ट आने पर संक्रमण को रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने शहर के सभी सरकारी व निजी सैम्पल कलेक्शन सेंटर पर फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखने और सेंटर को लगातार सैनिटाइज कराने पर जोर देने के निर्देश दिए ताकि टेस्ट कराने जाने वाले लोग अन्य लोगों से संक्रमण का शिकार न हों। प्रभारी मंत्री ने कहा कि डीएम सुनिश्चित करें कि लक्षणों के बाद भी मरीजों को भर्ती करने में कोई भी अस्पताल आनाकानी न करे। भर्ती के लिए आरटीपीसीआर के अलावा सीटी स्कैन, एक्सरे व एंटीजन टेस्ट को भी आधार मानें। कोरोना के मरीजों के अलावा बाकी मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग टेलीमेडिसिन की भी व्यवस्था करे। संक्रमण वाले क्षेत्रों में नगर निगम के साथ पुलिस प्रशासन माइक्रो कंटेनमेंट जोन का कड़ाई से पालन कराये। प्रभारी मंत्री ने नगर निगम के सभी जोन में सैनिटाइजेशन बढ़ाने और लगातार छिड़काव के निर्देश दिए।

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