- भर्ती नियमों में बदलाव, देश की सुरक्षा से खिलवाड़, युवाओं को रोजगार तो मिलेगा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रक्षा मंत्रालय की ओर से तीनों सेनाओं में भर्ती प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। इसकी घोषणा भी की जा चुकी है। भर्ती के यह नियम तीनों सेना यानि थल सेना, वायु सेना और नौ सेना के लिए होंगे। नए नियम के तहत सेना में बहुत छोटे समय के लिए भर्ती की जाएगी।
फिलहाल सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत भर्ती का न्यूनतम समय 10 साल का है, वहीं नए भर्ती नियम के तहत जितने युवाओं को सेना में भर्ती किया जाएगा उनमें से 75 से 80 फीसदी चार साल बाद सेवा मुक्त हो जाएंगे, लेकिन बाकी तो स्थायी तौर पर सेना में रख लिया जाएगा।
पूर्व सैनिकों की मानें तो इन नियमों के बदलावों से सरकार का पैसा तो बचेगा, लेकिन देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी होगा। पूर्व सैनिकों का मानना है कि भर्ती नियमों में बदलाव ठीक नहीं है। इन नियमों से कुछ लाभ होंगे तो कुछ नुकसान भी हैं। भर्ती नियमों में बदलाव से सरकार के काफी पैसे की बचत होगी साथ ही लाखों युवाओं को रोजगार भी मिलेगा
लेकिन मात्र चार साल में वह पूरी तरह से सोल्जर नहीं बन पाएंगे। दो साल भी युवा ठीक प्रकार से नौकरी नहीं कर सकेंगे। यह बाते पूर्व सैनिकों की ओर से कहीं गई हैं। उन्होंने अपने यह विचार जनवाणी से साझा किये।
पूरी तरह से नहीं कर पाएंगे तैयारी
रिटायर्ड ले. शक्ति सिंह मलिक ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से तीनों सेवाओं में भर्ती नियमों में जो बदलाव किया गया है उसके कुछ गुण भी होंगे तो कुछ दोष भी सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि अगर इसके गुणों की बात की जाए तो इससे सीधा सीधा केन्द्र सरकार को लाभ पहुंच रहा है।

उन्होंने बताया कि इसकी भर्ती प्रक्रिया पहली की तरह सेम होगी। सभी मापदंडों के बाद युवाओं को भर्ती किया जाएगा, लेकिन वह केवल चार साल के लिये ही नौकरी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 70 से 80 प्रतिशत युवाओं को चार साल बाद रिटार्य किया जाएगा और 30 प्रतिशत तक को सेना में भर्ती पूर्ण कर लिया जाएगा। रिटायरमेंट पर उन्हें 12 लाख रुपये दिए जाएंगे, लेकिन अगर चार सालों की बात करें तो युवाओं की ट्रेनिंग में एक साल बीत जाएग और और प्रत्येक वर्ष 3 माह की छुट्टी को मिलाएं तो एक वर्ष छुट्टियों में बीत जाएगा।
इस आधार पर वह केवल दो वर्ष ही नौकरी कर पाएगा। उसे एक सोल्जर के रूप में तैयार होने में ही बरसों लग जाते हैं इतने कम समय में सोल्जर आधुनिक तरीके से तैयार नहीं हो पाएगा। इससे सिर्फ लाखों युवाओं को रोजगार ही प्राप्त हो पाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि रिटायर्ड होने के बाद अगर युवा को नौकरी नहीं मिली तो वह गलत रास्ते पर भी जा सकता है। सेना का जवान कोई छोटी नौकरी करने में भी हिचकिचाएगा। मतलब इसके कुछ गुण हैं तो कुछ दोष भी होंगे।
देश का पैसा बचाने के लिए किये जा रहे रहे हैं बदलाव
सेवानिवृत्त ले. प्रवीण कुमार ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव ठीक नहीं है। इससे युवा केवल चार वर्ष के लिये नौकरी करने के लिये मेहनत नहीं करेगा। चार साल बाद उसे कोई सही नौकरी नहीं मिल पाई तो वह गलत राह पर भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार यहां पूरी तरह से पैसा बचा रही है क्योंकि सरकार को पेंशन नहीं देनी पड़ेगी जिससे उसे काफी हद तक लाभ होगा।

उन्होंने बताया कि जो युवा आज भर्ती प्रक्रिया के लिये जी तोड़ मेहनत करते हैं। उससे उस पर भी फर्क पड़ेगा। वह चार साल के लिये जान जोखिम में नहीं डालना चाहेंगे। देश के लिये जो जज्बा आने में एक अनुभव लगता है वह युवाओं में नहीं आ पाएगा। जिससे काफी नुकसान की संभावना होगी।

