Wednesday, April 22, 2026
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नकली किताब छापने वाली प्रेस पकड़ी, चार करोड़ की किताबें बरामद

जनवाणी ब्यूरो |

गाजियाबाद: जिले के लोनी थाना पुलिस ने ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में नामी कंपनियों की नकली किताबें छापने वाला प्रिंटिंग प्रेस पकड़ा है। छापे में स्पैक्ट्रम बुक्स, मैकग्राहिल, केडी पब्लिकेशन, क्रोनिकल बुक्स, यूबीएसपीडी, ओरिएंट ब्लैक स्वान समेत अन्य कंपनियों की करीब चार करोड़ की नकली किताबें बरामद हुई हैं। पुलिस ने प्रेस को सील कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी धार्मिक किताब छापने की आड़ में यह धंधा करता था। वह नामी कंपनियों की 500 रुपये कीमत वाली किताब की नकली किताब छापकर उसे 200 में बेचता था।प्रिंटिंग प्रेस संचालक गुल मोहम्मद 12वीं पास है और दिल्ली के दरियागंज का रहने वाला है। प्रेस में ही किताबों की छपाई से लेकर पैकिंग होती थी। करीब एक साल से प्रेस में ये किताबों छापी जा रही थीं। तीन से चार लाख की कीमत वाली मशीनों पर संचालक कारीगरों से काम कराता था।

जिन कंपनियों की नकली किताबें छापी जा रही थीं, उनके लीगल एडवाइजर एडवोकेट संजीव कुमार राघव ने बताया कि सूचना मिली थी कि ट्रॉनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र में कई नामी कंपनियों की नकली किताबें छापी जा रही हैं। और उनको देश भर में सप्लाई किया जा रहा है। बृहस्पतिवार रात स्थानीय पुलिस के साथ छापा मारा गया।

प्रेस में स्पैक्ट्रम बुक्स, मैकग्राहिल, केडी पब्लिकेशन, क्रोनिकल बुक्स, यूबीएसपीडी, ओरिएंट ब्लैक स्वान समेत कई नामी कंपनियों की नकली किताबें मिलीं। इनकी कीमत करीब चार करोड़ है। प्रेस को सील कर दिया गया है। पुलिस को आरोपी संचालक गुल मोहम्मद के खिलाफ तहरीर दी गई है।

एसपी देहात डॉ. ईराज राजा ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। कुछ और नाम भी सामने आए हैं। आरोपी ने फिरोज नाम के व्यक्ति से किराए पर बिल्डिंग ले रखी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। पूछताछ में प्रकाश में आए नामों पर भी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य आरोपी गुल मोहम्मद धार्मिक किताब भी छापता था। जिसकी आड़ में वह इन कंपनियों की किताबों को छापता था।

आरोपी करीब एक साल से यहां प्रेस चला रहा था। वह पटना, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में किताबों की सप्लाई करता था। वह आनलाइन किताबें भी बेचता था। कंपनी में जिस किताब की कीमत 500 रुपये है, आरोपी उसे 50 फीसदी से अधिक कम दाम में बेचता था। प्रेस में ज्यादातर कंपटीशन की किताबें तैयार होती थीं।

आरोपी कंपनी की असली किताब खरीदता था। फिर उसी से कंटेंट लेकर अपने प्रेस में छपवाता था। वह किताबों पर कंपनी का नकली होलोग्राम लगाकर हूबहू किताब तैयार कर लेता है। होलोग्राम को देखकर खरीदारों को भी असली और नकली में फर्क नहीं पता चलता था।

संजीव कुमार ने बताया कि करीब 12 दिन पहले कंपनी ने पटना में छापा मारा की थी। वहां पता चला कि अनिल नाम का एक व्यक्ति यहां से पटना और देश के अलग-अलग इलाकों में डुप्लीकेट किताबों की सप्लाई कर रहा है। ट्रॉनिका सिटी थाना एसएचओ उमेश पवार ने बताया कि गिरफ्तार प्रेस संचालक गुल मोहम्मद 12वीं पास है। वह नामी कंपनियों की कंपटीशन की नकली किताबें छापता था।

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