Friday, March 27, 2026
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महिला दरोगा के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोए परिजन

  • भैंसवाल निवासी दरोगा ने की बुलंदशहर में आत्महत्या

जनवाणी ब्यूरो |

गढ़ीपुख्ता: बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में तैनात शामली जनपद के गांव भैंसवाल निवासी महिला दरोगा का शव शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही गांव पहुंचा तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। परिजन शव से लिपटकर फूट-फूट कर बुरी तरह रोने लगे। बाद में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं आदर्श मंडी व गढ़ीपुख्ता पुलिस ने मृत दरोगा के आवास पर पहुंचकर शोक जताते हुए परिजनों को सांत्वना दी। वहीं गांव में शोक छाया हुआ है।

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गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के गांव भैंसवाल निवासी कृष्णपाल पंवार के चार बच्चे हैं जिनमें दो पुत्री सोनिया व आरजू तथा दो पुत्र हैं। एक पुत्र सोनू दुबई में इंजीनियर है जबकि दूसरा पुत्र मनीष आर्मी में तैनात है। आरजू पंवार भाई बहनों में सबसे छोटी थी।

आरजू वर्ष 2015 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थी और करीब ढाई साल से बुलंदशहर की अनूपशहर कोतवाली में दरोगा के पद पर तैनात थी। आरजू अनूपशहर के एक मोहल्ले में किराए के मकान में रहती थी तथा खाना भी उसी परिवार के साथ खाती थी।

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परिजनों ने बताया कि आरजू की अगले माह फरवरी में शादी होने वाली थी। शुक्रवार की शाम आरजू ड्यूटी से घर पहुंची थी तथा सीधे अपने कमरे में चली गई। मकान मालिक की पत्नी ने आरजू से खाना खाने को कहा था जिस पर उसने थोडी देर में आने की बात कही थी।

जब काफी समय तक वह अपने कमरे से बाहर नहीं आई थी तो मकान मालकिन ने कमरे का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन कोई आवाज नहीं आई। जिस पर मकान मालिक ने पड़ोस में ही रहने वाले एक अन्य पुलिसकर्मी को मामले की जानकारी दी।

जब उक्त पुलिसकर्मी ने खिड़की से कमरे के अंदर झांककर देखा तो आरजू पंवार फंदे से लटकी हुई थी जिससे मकान मालिक व अन्य लोगों में हडकंप मच गया। पुलिसकर्मी ने मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी जिसके बाद एसएसपी संतोष कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए तथा शव को नीचे उतरवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाते हुए परिजनों को मामले की सूचना दे दी थी।

बताया जाता है कि कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ जिसके बारे में पुलिसकर्मियों ने खास जानकारी नहीं दी। आरजू की मौत से परिजनों में भी कोहराम मच गया था और परिजन अनूपनगर के लिए रवाना हो गए थे। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही आरजू का शव गांव पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया।

परिजन शव से लिपटकर बुरी तरह रोने लगे जिन्हें अन्य महिलाओ ने किसी प्रकार संभाला। बाद में गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं गढीपुख्ता थानाध्यक्ष महावीर सिंह व आदर्श मंडी शामली थानाध्यक्ष संदीप बालियान भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा परिजनों को सांत्वना दी।

बेहद मिलनसार थी आरजू पंवार

भैंसवाल के ग्रामीणों का कहना है कि आरजू पंवार बेहद व्यवहारकुशल, मिलनसार एवं काम के प्रति लगनशील थी। दिन रात की मेहनत के बाद वह पुलिस विभाग में दरोगा के पद पर भर्ती हुई थी। आरजू की एक बडी बहन सोनिया है जिसकी शादी हो चुकी है जबकि दो भाई सोनू व मनीष भी हैं।

जिनमें एक दुबई में रहता है जबकि दूसरा आर्मी में तैनात है। कृष्णपाल पंवार का परिवार बेहद साधारण और सज्जन परिवार है। आरजू की असमय मौत से ग्रामीणों में भी शोक छाया हुआ है। ग्रामीण आहत परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं।

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