- राजकुमार सिरोही का शिकार एक और युवक आया सामने
- एक बार फंसाने के बाद करता है शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न
- पीड़ित दो बार कर चुका है आत्महत्या का प्रयास
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में सूदखोरों का मकड़जाल फैला है। जिसमें एक बार फंसने पर इंसान आसानी से निकल नहीं पाता। इसके शिकार योगेन्द्र ने गत 11 फरवरी को कार में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। जिनके खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज हुआ है, उन्हीं के द्वारा एक अन्य युवक का भी उत्पीड़न किया जा रहा है। जिससे आजिज आकर वह भी दो बार आत्महत्या की कोशिश कर चुका है।
गढ़ रोड स्थित मुरारीपुरम के रहने वाले पंकज रस्तोगी का गारमेंट का कारोबार है। पंकज का आरोप है उन्होंने राजकुमार सिरोही से छह लाख रुपये कारोबार के लिए ब्याज पर लिए थे, जिसके बदले वह 40 लाख रुपये दे चुके हैं, लेकिन अब भी सूदखोर उनसे पैसे की मांग करता है। जिससे वह काफी परेशान है। वहीं, इस संबंध में इंस्पेक्टर लालकुर्ती अतर सिंह का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही है, जल्दी ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सूदखोरों की दहशत से पत्नी भी छोड़कर चली गई
पंकज का कहना है कि सूदखोर आए दिन उसके घर लाइसेंसी हथियारों के साथ तकादा करने आता रहता है। कई बार पड़ोसियों ने बीच में पड़कर सूदखोरों को भगाया। पंकज की पत्नी से भी इसी सूदखोर ने डरा धमकाकर पैसे की मांग की, मांग पूरी न होने पर अंजाम भुगत लेने की धमकी दी गई, जिसके बाद वह दहशत में आ गई और पति को छोड़कर गत मई 2021 से मायके मेंं है और अभी तक वहीं रह रही है।
बेटे के अपहरण की मिल रही धमकियां
पंकज का आरोप है कि सूदखोर राजकुमार सिरोही पत्नी के जाने के बाद अब उसके 16 साल के बेटे का अपहरण करने की धमकियां दे रहा है। पंकज का कहना है कि जितने पैसे ब्याज पर लिए थे। उससे कई गुना पैसे वह दे चुका है, लेकिन तकादा अब भी है। परिवार के बिखरने के कारण वह भी दो बार आत्महत्या करने का प्रयास कर चुका है। यह पूरा मामला पुलिस के संज्ञान मेंं भी है।
योगेन्द्र सिंह की तेरहवीं में गमगीन माहौल
योगेन्द्र के आत्महत्या करने के बाद उसका परिवार बिखर गया है। रविवार को तेहरवीं की रस्म हुई, जिसमें सभी लोग शोक में डूबे नजर आए। मृतक के भाई दीपक चौधरी ने बताया कि गत 11 फरवरी को घटना वाले दिन सूदखोर राजकुमार सिरोही बेटे व चारों नामजद आरोपियों के साथ मृतक के घर आया था। उसने पैसे देने का दबाव बनाया मांग पूरी न होने पर योगेन्द्र की बेटी के अपहरण की धमकी दी।
दुकान, मकान पर कब्जे का भी बना रहा था दबाव
योगेन्द्र के भाई दीपक चौधरी का आरोप है कि सूदखोर राजकुमार सिरोही से जब से ब्याज पर पैसे लिए गए थे। तभी से उसकी नजर योगेन्द्र की दुकान और मकान पर थी। आए दिन वह तकादा करने के नाम पर प्रॉपर्टी अपने नाम लिखवाने का दबाव बनाता था। इसको लेकर भी योगोन्द्र काफी तनाव में रहते थे। जिसके बाद योगेन्द्र तनाव में आ गए और उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।

