- रालोद के गाजियाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष ने जारी किया बयान
मुख्य संवाददाता |
बागपत: गाजियाबाद से रालोद के पूर्व जिला अध्यक्ष कपिल चौधरी गुर्जर ने कहा कि किसान का खून बहाने वालों की 2022 में विदाई तय है। सत्ता के नशे में बैठे नेताओं को अब किसान अपनी ताकत का एहसास कराएगा। किसान को छेड़ने वालों की अब किसान कुर्सी छीनने का काम करेंगे। मंत्री को बचाने में सरकार ने पूरी ताकत लगा दी है, लेकिन किसान इसका जवाब जरूर देगा।
रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष कपिल चौधरी गुर्जर ने लखीमपुर खीरी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद विभत्स है। यह सरकार की संवेदनहीनता का परिचय है। किसान की वोटों से सत्ता हासिल करके भाजपा किसानों को भूल गयी है। किसान अपने हक की आवाज उठाता है तो उनकी आवाज को कुचला जाने लगा है।
अभी तक किसानों पर लाठियां मारी जा रही थी, लेकिन अब सभी हदों को पार करते हुए किसानों को रौंदा जा रहा है। लखीमपुर खीरी की घटना से भाजपा की मानसिकता का पता चलता है।वह किसानों की परवाह नहीं करती, बल्कि उन्हें मौत के घाट उतार रही है। कपिल ने कहा कि किसान को कमजोर समझना सरकार की भूल है। किसान अन्नदाता है और वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा है, परन्तु सरकार को अपना विरोध भी पसंद नहीं है।
कोई सरकार की गलत नीतियों का विरोध करता है तो उसे दबाने की कोशिशें सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों से मिलने पर भी सरकार पाबंदी लगा रही है। किसानों के सच्चे हितैषी रालोद मुखिया चौधरी जयंत सिंह ने पीड़ितों के घर पहुंचकर भरोसा दिया कि वह उनके साथ है।
जयंत ने वहां पहुंचकर जता दिया है कि वह किसान की चिंता करते है। सरकार ने उन्हें रोकने के खूब प्रयास किये, लेकिन उन्हें रोक नहीं पाए। जयंत खेतों, नदियों आदि से होकर वहां पहुंचे। उन्होंने कहा कि मंत्री को जब तक बर्खाश्त नहीं किया जाता, आरोपियों को जेल नहीं भेजा जाता तब तक न्याय नहीं मिलेगा।

