- पल-पल बदल रहे मौसम से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
- मौसम रहेगा अभी शुष्क, बदलाव के फिर मिले संकेत
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: पल-पल बदल रहे मौसम ने किसानों की फिर से टेंशन बढ़ने वाली हैं। बारिश और तूफान से पहले ही किसानों का बड़ा नुकसान हो चुका हैं, लेकिन अब फिर मौसम बिगड़ने का समाचार मिल रहा हैं। गेहूं की फसल नष्ट हो चुकी हैं। अभी तक सरकार की तरफ से कोई मुआवजा नहीं दिया गया। सर्वे कराने की बात चल रही हैं, लेकिन मौसम विज्ञानी बता रहे हैं कि फिर से मौसम किसानों की टेंशन बढ़ाने वाला हैं। पिश्चमी विक्षोभ के चलते मौसम बिगड़ रहा हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में उठापठक का दौर जारी है। वेस्ट यूपी में बूंदाबांदी लगातार जारी है। जिसके चलते मौसम में गर्मी से राहत भी मिल रही है। आने वाले दिनों में फिर से वैज्ञानिक मौसम में बदलाव के संकेत दे रहे हैं। हालांकि वैज्ञानिकों ने पांच दिन तक मौसम के शुष्क रहने की संभावना जाहिर की थी। जिसके बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अप्रैल के महीने में वैज्ञानिकों ने बदलाव के संकेत दिए थे।

जिसके बाद मौसम में बूंदाबांदी हो रही है। मंगलवार सुबह बूंदाबांदी हुई। सुबह 10 बजे के बाद मौसम खुल गया। मौसम में खिली धूप निकली। जिसके बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। तापमान में भी अभी कमी आई है। राजकीय मौसम वैधशाला पर मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री एवं न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अधिकतम आर्द्रता 84 एवं न्यूनतम आर्द्रता 47 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह छह किमी और शाम को आठ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंकी गई। बारिश 1.2 मिमी दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि मौसम में बदलाव होगा। हालांकि अभी चार दिन और मौसम शुष्क रहेगा।

