जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दिल्ली में किसानों का ट्रैक्टर मार्च था। इसी आंदोलन में सहयोग करने के लिए मेरठ के किसानों ने भी तैयारी की थी। ऐलान किया था कि ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा, लेकिन पुलिस-प्रशासन ने यहां किसानों की पहले की घेराबंदी कर ली।
गुरुवार की सुबह किसान ट्रैक्टर मार्च निकालते उससे पहले ही किसानों की उनके घरों पर ही पुलिस ने घेराबंदी कर ली। किसानों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया। इस तरह से आंदोलन में किसानों को नहीं कूदने दिया। भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा (दिल्ली की सीमाओं पर कीसानों के आनदोलन) के आह्वान पर सुबह 11 बजे से मेरठ के गढ़ रोड़ स्थित काली नदी से गांधी आश्रम चौपला होते हुए सूरजकुंड से पुलिस लाइन व कलक्ट्रेट होते हुए ट्रैक्टर मार्च निकालकर आयुक्त कर्यालय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सम्बोधित ज्ञापन दिया जाना था।
यह किसान हितों को ध्यान में रखते हुए ज्ञापन तैयार किया गया था, लेकिन बुधवार की रात 11 बजे इंस्पेक्टर नौचन्दी थाना संजय वर्मा मय फोर्स के कुलदीप त्यागी के आवास और भाकियू के कैम्प कार्यालय पंचशील कालोनी, गढ़ रोड़ पर पहुंचे। घर की घंटी बजाई और कुलदीप त्यागी से ट्रैक्टर मार्च की जानकारी की। यही नहीं, एसपी सिटी से फोन पर कुलदीप त्यागी की बातचीत कराई।
एसपी सिटी ने ट्रैक्टर मार्च नहीं निकालने की बात रखी, जिस पर कुलदीप त्यागी ने एसपी सिटी से कहा कि ट्रैक्टर मार्च प्रस्तावित हो चुका है, जिसे किसान हित में शांतिपूर्वक निकाला जाएगा। इसके बाद पुलिस फोर्स वापिस लौट गयी। सुबह 10 बजे भाकियू अध्यक्ष कुलदीप त्यागी के आवास पर भारी संख्या में थाना पुलिस सुरक्षा बलों को लेकर पूरे कैम्प कार्यालय को घेरकर जमा हो गयी और किसी को बाहर नहीं जाने दिया। जिस पर भाकिआ जनसेवकों ने आक्रोश जताया और एसीएम चन्द्रेश को वहीं पर ज्ञापन सौंपा।
11 को सरधना में निकाली जाएगी रिहर्सल ट्रैक्टर-रैली
26 जनवरी की परेड में किसान ट्रैक्टर-ट्राली द्वारा दिल्ली में शामिल होने की घोषणा करने के बाद सरधना विधान सभा क्षेत्र में सपा नेता विनित भराला ने 11 जनवरी को ट्रैक्टर रिहर्सल रैली निकालने का ऐलान किया है। इस रिहर्सल रैली में शामिल होने के लिए गुरुवार को विनित भराला ने वलीदपुर, सिवाया, सुरानी, चिरौड़ी, बड़कली, मटौर और समौली गांवों में जनसम्पर्क कर अधिक से अधिक तादाद में किसानों से इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया है। विनित भराला ने कहा कि यह कानून केंद्र सरकार वापस ले और किसानों की पीढ़ा को समझे। इस दौरान अनिल काम्बोज, सोहनबीर सिंह, वेदपाल, एहसान भराला आदि मौजूद रहे।
कृषि कानूनों के विरोध में लगे भारत मां के जयघोष
गाज़ियाबाद में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा यूपी गेट से विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। ट्रैक्टर मार्च में बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने ट्रैक्टरों के साथ शामिल हुए। किसानों के ट्रैक्टर मार्च को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी पूरी तरह अलर्ट रहा।
कृषि कानूनों के विरोध विभिन्न किसान संगठनों के नेताओ सहित बड़ी संख्या किसान पिछले 43 दिनों से यूपी गेट के साथ साथ दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर डटे हुए है। सरकार और किसानों के बीच पिछले सात दौर वार्ता विफल होने के बाद किसान में सरकार के विरुद्ध आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस कड़ी में किसानों संगठनों ने ट्रैक्टर मार्च का ऐलान किया था।
गुरुवार को पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत यूपी गेट से किसानों ने विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। यूपी गेट धरना स्थल से किसानों का ट्रैक्टर मार्च सुबह नौ बजे प्रारम्भ हुआ। ट्रैक्टर मार्च में लगभग 125 ट्रैक्टर ,30 कार और मोटर साइकिल सहित लगभग 700 से अधिक किसान शामिल हुई। इस दौरान धरना स्थल धरना संचलन करने वाली कमेटी द्वारा ट्रैक्टर रैली में शामिल ट्रैक्टरों सहित सभी वाहनों को आईडी नम्बर भी दिए गए। ऐसे मौके पर किसान नेता अमरजीत सिंह बिड्डी ने कहा कि किसान अपने हकों की लड़ाई लड़ रहा है।
सरकार को आज नही तो कल किसानों की मांगों को मानना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार नए कृषि कानूनों वापस नही लेगी तब तक किसानों की घर वापसी नहीं होगी। ट्रैक्टर रैली के दौरान किसानों का जोश देखने के काबिल था। हाथ में तिरंगा झंडा लिए किसान भारत माता की जय, किसान एकता जिंदाबाद और मोदी सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। बड़ी बात यह है कि ट्रैक्टर रैली में किसानों के साथ युवाओं ने बड़ी संख्या में भागीदारी की।

