Friday, March 13, 2026
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पिता ने ही सुपारी देकर कराई थी बेटे की हत्या

  • गत 18 सितम्बर को हिसावदा के जंगल से बरामद हुआ था शव
  • पिता समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

जनवाणी संवाददाता,

बागपत: पुलिस ने गौरव हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुत्र की हरकतों से परेशान होकर पिता ने ही 1.50 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी। गौरव का शव गत 18 सितम्बर को थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र में हिसावदा गांव में मदन मलिक के खेत में पड़ा मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी।

पुलिस ने मृतक के पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने गुरूवार को चालान कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

गुरूवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि गत 18 सितम्बर को थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के गांव हिसावदा में मदन मलिक के खेत में एक युवक का शव पड़ा मिला था। उसकी गोली मारकर हत्या की गई थी।

उसकी पहचान दिल्ली के समयपुर निवासी गौरव पुत्र कृष्णपाल के रूप में हुई थी। मृतक की कार जनपद गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी से बरामद की गई थी। इस संबंध में मृतक के पिता ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी ने बताया कि पुलिस ने इस हत्याकांड़ का खुलासा कर दिया है।

उन्होंने बताया कि बेटे की हरकतों से परेशान होकर पिता ने ही 1.50 लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या कराई थी। पुलिस ने गुरूवार को पिता व दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके नाम लियाकत निवासी सैड़भर तथा मनोज उर्फ सूरज निवासी नंदनगरी दिल्ली बाताये गए हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा व एक कारतूस बरामद किया हैं। पुलिस ने विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया है।

बुढ़सैनी सहकारी समिति के चेयरमैन हैं मृतक के पिता

मृतक के पिता मूल रूप से थाना सिंघावली अहीर क्षेत्र के गांव सैड़भर के रहने वाले हैं और वह वर्तमान में दिल्ली के समयपुर में रह रहे हैं। वह एक रिटायर्ड शिक्षक और किसान सघंन सहकारी समिति बुढ़सैनी के चेयरमैन हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि गौरव नशे का आदी था और चरस व गांजे आदि का नशा करता था।

उसने बताया कि नशा करने के बाद वह उसे तथा उसकी पत्नी को परेशान करता था तथा उनके साथ मारपीट भी करता था। उसने कहा कि गौरव कुछ दिन से अपने हिस्से की जमीन व अपनी मां के जेवर बेचने के प्रयास में था। इसलिए उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई और इसके लिए उसने लियाकत निवासी सैड़भर से सम्पर्क किया और उसे अपने पुत्र की हत्या करने के लिए 1.50 लाख रुपये की सुपारी दी।

लियाकत प्रोपर्टी का कार्य करता है। सैड़भर में जमीन दिखने के बहाने गत 18 सितम्बर को उसने गौरव को लियाकत के साथ भेज दिया। वह दोनों कार में सवार होकर दिल्ली से सैड़भर के लिए चले। रास्ते में लियाकत ने अपने साथी मनोज को भी गाड़ी में बैठा लिया और धोखे से हिसावदा के जंगल में लेजाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी।

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