- एडीएम प्रशासन स्तर से की जा रही जांच में फाइल तलब-फिर भी कई सवाल बरकरार
- एडीएम प्रशासन स्तर से की जा रही जांच में फाइल तलब
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद तारिक ने झांसी तबादले पर जाने से पूर्व मदरसा स्टार खुशहाल नगर के संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है। इसके बावजूद शिक्षिका की ओर से उठाए गए कई सवाल अभी तक सिर उठाए खड़े हुए हैं। वहीं इस मामले में एडीएम प्रशासन के स्तर से की जा रही जांच में शिक्षिका प्रकरण की फाइल तलब की गई है।
यह प्रकरण तब प्रकाश में आया, जब मदरसा स्टार खुशहाल नगर में शिक्षिका के रूप में कार्य करने वाली महिला ईशा इस्माइल ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में मार्च माह में शिकायत की। जिसके उपरांत उसने डीएम और एसएसपी के यहां भी मदरसा संचालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसमें विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सवाल उठाए गए।
महिला की शिकायत और उस पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की जांच से यह बात सामने आई कि शिक्षिका ईशा इस्माइल ने मदरसा स्टार खुशहालनगर में चार अप्रैल 2014 से लेकर चार अप्रैल 2018 तक सहायक अध्यापिका के पद पर कार्य किया है। इस बीच उसे दो बार वेतन की राशि के रूप में एक लाख 44 हजार रुपये और 93 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
शिक्षिका का कहना था कि उसे पूरे वेतन का भुगतान नहीं किया गया। शिक्षिका ने चार वर्ष का मानदेय सात लाख 20 हजार रुपये बनने की बात कही है। बैंक से ली गई रिपोर्ट के हवाले से पूर्व प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मो. तारिक ने पाया कि शिक्षिका के नाम पर खोले गए खाते में 72 हजार रुपये भेजे गए हैं। जबकि इस बारे में शिक्षिका का कहना था कि यह खाता उसका नहीं है। उसके नाम पर फर्जी खाता खोलकर वेतन की राशि को हड़प लिया गया है।
प्रभारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने इस मामले में मदरसा संचालक के खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें संचालक पर आरोप है कि उसने फर्जी आईडी के जरिये शिक्षिका के नाम पर फर्जी खाता खुलवाया। जिसमें 72 हजार रुपये की राशि भेजकर फर्जी महिला के माध्यम से निकलवा लिया गया। इस सिलसिले में विभाग ने एक रिपोर्ट तैयार करके एडीएम प्रशासन को भेजी गई है।
इस बीच शिक्षिका के डीएम कार्यालय में की गई शिकायत की जांच एडीएम प्रशासन स्तर से की जा रही है। जिसमें उन्होंने पूरे प्रकरण की फाइल तलब की है। शिक्षिका ने अपनी शिकायत में मदरसा संचालक के साथ-साथ विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच महिला का कहना है कि पोर्टल पर आज तक शिक्षिका के रूप में उसका नाम दर्ज है। जिस पर विभाग के संबंधित लिपिक का कहना है कि पोर्टल पर 2017 में जो जानकारी अपलोड की गई थी, आज तक वही चली आ रही है। इसमें प्रदेश भर में कहीं भी संशोधन नहीं किया जा सका है। इसी कारण शिक्षिका का नामदर्ज दिखाई देता है।
हत्यारोपी की जमानत खारिज
न्यायालय जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन ने हत्या के आरोप में आरोपी बिलाल पुत्र शेरद्दीन निवासी ग्राम राधना थाना किठौर जिला मेरठ का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है। डीजीसी क्रिमिनल बृजभूषण गर्ग ने बताया कि गत छह दिसंबर 2021 को समय छह बजे बिलाल वादी की बहन के घर आया और कहासुनी गाली-गलौज करने लगा और तमंचा निकालकर उसकी सात वर्ष की भांजी जोया को जान से मारने की नियत से उस पर गोली मार दी।
जिसकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। जिसके बाद वादी ने थाना किठौर में रिपोर्ट दर्ज कराई। न्यायालय में आरोपी ने कहा की उसे झूठा फंसाया जा रहा है । जिसका सरकारी अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया है।

