जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर शनिवार को भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के तुरंत बाद आग की चपेट में आ गया। घटना के बाद एयरबेस पर हड़कंप मच गया और तत्काल आपातकालीन बचाव अभियान शुरू किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान के रनवे पर उतरते ही उसमें आग लग गई, जिससे घना धुआं उठने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयरपोर्ट और वायुसेना की फायर एवं रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। राहतकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया और उसे फैलने से रोक लिया।
सूत्रों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब AN-32 विमान जोरहाट हवाई पट्टी पर उतर रहा था। हालांकि भारतीय वायुसेना की ओर से अभी तक घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कराए जाने की संभावना है। फिलहाल वायुसेना और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
दशकों से वायुसेना का अहम ट्रांसपोर्ट विमान
AN-32 एक सोवियत दौर का मध्यम श्रेणी का जुड़वां इंजन वाला परिवहन विमान है, जिसे एंटोनोव डिजाइन ब्यूरो ने विकसित किया था। भारतीय वायुसेना कई दशकों से इसका उपयोग सैनिकों, हथियारों और रसद सामग्री के परिवहन के लिए करती रही है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि यह छोटे और कच्चे रनवे से भी उड़ान भरने और उतरने में सक्षम है।
यह विमान आपदा राहत, मानवीय सहायता अभियानों और सैन्य संचालन में भी व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। AN-32 एक बार में 40 से अधिक सैनिकों या कई टन सैन्य सामग्री को ले जाने की क्षमता रखता है। हालांकि लंबे समय से सेवा में होने के कारण वायुसेना इसके बेड़े के आधुनिकीकरण की दिशा में भी काम कर रही है।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
AN-32 विमान पहले भी कई दुर्घटनाओं का शिकार हो चुका है। वर्ष 2019 में जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका जा रहा एक AN-32 विमान लापता हो गया था। बाद में उसका मलबा पहाड़ी क्षेत्र में मिला और उसमें सवार सभी 13 लोगों की मौत हो गई थी।
इसके अलावा वर्ष 2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा AN-32 विमान बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था। विमान में सवार 29 लोगों का लंबे समय तक कोई पता नहीं चल सका और बाद में सभी को मृत घोषित कर दिया गया।
जोरहाट में हुई ताजा घटना के बाद एक बार फिर AN-32 विमान की परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल वायुसेना की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, जबकि राहत और जांच संबंधी गतिविधियां जारी हैं।

