Saturday, April 5, 2025
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फायरब्रिगेड फेल, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम का रेस्क्यू जारी

  • कमिश्नर, एडीजी ने संभाली रेस्क्यू अभियान की कमान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आखिरकार एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलवाया गया। इन दोनों टीमों ने मिनी पोर्कलेन मशीन से मलबे को हटवाया। कई पिलरों को कटर से काटा गया और ड्रिल मशीन से लिंटर टुकड़ों में तोड़ा गया। इसके बाद घायलों व शवों को निकाला जा सका। रेस्क्यू टीम की कमान कमिश्नर व एडीजी ने संभाली। दोनों अधिकारी घंटों मौके पर मौजूद रहे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश देते रहे। नफीसा पत्नी स्व. अलाउद्दीन का तीन सौ गज का तीन मंजिला मकान का गिरने से वहां मलबे का पहाड़ बन गया।

फायरब्रिगेड की टीम को बुलाया गया, वह भी सफल नहीं हो पाई। इस बीच नगर निगम से मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीन मंगाई गई, पर वह तंग गलियों की वजह से मौके तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद मलबा हटाने के लिए नगर निगम से हाइड्रा मंगाया गया, उससे उक्त मकान की फ्रंट की दीवार और मेन गेट तोड़ा गया, ताकि रास्ता बनाया जा सके। बड़ी दर्दनाक घटना को देखते हुए कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे ने राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बुलवाया।

16 जवानों की एसडीआरएफ की टीम विपिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने मलबे में गिरे लिंटर के बड़े-बड़े टुकड़ों को और पिलरों को नगर निगम से कटर और ड्रिल मशीन मंगाकर काटा गया। एनडीआरएफ 10 सदस्यीय टीम के स्नीफर डॉग लेकर पहुंची। खोजी कुत्तों ने मलबे में उसी स्थान पर सूंघकर सूचित किया कि वहां कोई नीचे दबा है। इसके बाद टीम ने मलबे को वहां से हटाकर घायलों व शवों को निकाला।

एडीजी डीके ठाकुर व आईजी नचिकेता झा ने पुलिस की कमान संभाली। एसएसपी विपिन ताड़ा स्वयं मलबे से लोगों को बाहर निकलवाने में जुटे रहे। सीडीओ नूपुर गोयल, सीएमओ डा. अशोक कटारिया, अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल, एसपी सिटी कई थानों की पुलिस देर रात मौके पर मौजूद रही।

बारिश ने रेस्क्यू अभियान में डाली बाधा

शनिवार की रात जाकिर कालोनी में मकान गिरने से मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए रातभर चलाए गए रेस्क्यू अभियान में बारिश ने कई बार बाधा डालने का प्रयास किया, लेकिन एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बचाव कार्य में जुटे मोहल्ले के लोगों का हौंसले में कोई कमी नहीं आई। देर रात तक टीमें तेज बारिश में रेस्क्यू अभियान में जुटी रहीं।

जेसीबी मशीन गली में फंसी, लगा जाम

जाकिर कालोनी में एक मकान के मलबे को हटाने के लिए नगर निगम से जेसीबी मशीन मंगाई गई, लेकिन वह तंग गली में फंस गई। इस दौरान वहां जाम लग गया। लोगों ने खासी मशक्कत करके उसे बाहर निकलवाया। इसके बाद मलबा हटवाने के लिए नगर निगम से हाइड्रा मंगाया गया। उससे मकान के फं्रट की दीवार को इसलिए तोड़ा गया कि कहीं उक्त दीवार भी न गिर जाए। मेन गेट को तोड़कर रास्ता साफ किया गया।

ड्रिल मशीन हुई फेल, दूसरी मशीन मंगाई

जाकिर कालोनी में मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए वहां गिरे पिलर व लिंटर के बड़े-बड़े टुकड़ों को काटने के लिए लिंटर का कटर और ड्रिल मशीन मंगाई गई। ड्रिल मशीन खराब हो गई। इसपर एसएसपी ने नगर निगम के कर्मचारी से तुरंत दूसरी मशीन मंगाने को कहा। आनन फानन में दूसरी मशीन मंगाई गई। उससे मलबे को ड्रिल किया गया।

योगी की कॉल पर दौड़ा अफसरों का अमला

सूबे के सीएम योगी की एक कॉल और पुलिस प्रशासन के तमाम आलाधिकारियों का अमला मौके पर मदद के जा पहुंचा। आलाधिकारी केवल पहुंचे भर नहीं बल्कि राहत व बचाव के काम में कोई कमी ना आ जाए इसके पूरे वक्त वहां पर डटे भी रहे। बारिश की परवाह किए बगैर भीगते हुए बचाव दल के साथ मौके पर खडेÞ रहे। पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों को यूं मुस्तैद खडेÞ देखकर बचाव दल के लोग भी पूरी शिद्दत से काम में लगे रहे। सबसे पहले पहुंचने वाले अफसरों में कमिश्नर सेल्वा कुमारी जे., डीएम दीपक मीणा व एसएसपी डा. विपिन ताडा शामिल रहे।

उसके बाद तो पूरे जिले के तमाम विभागों खासतौर से पुलिस प्रशासन के तमाम आला अफसरों की गाड़ियां चमड़ा पैंठ जाकिर कालोनी की और दौड़ने लगी। जूनियर अफसरों के अलावा एडीजी, कमिश्नर, आईजी, डीएम व एसएसपी, एडीएम सिटी व एसपी सिटी के अलावा तमाम एसपी व सीओ भी मौके पर जा डटे। केवल पहुंचे ही नहीं बल्कि राहत व बचाव के कार्य का हिस्सा भी बनें। पीड़ित परिवार का ढाढस बंधाते रहे। ये सभी अफसर जब तक राहत व बचाव का काम पूरा नहीं कर लिया गया तब तक मौके पर मुस्तैदी से डटे रहे।

बारिश नहीं तोड़ सकी हौसला, मदद को एक साथ बढेÞ हजारों हाथ

लोहिया नगर के चमड़ा पैंठ जाकिर कालोनी में तीन मंजिला मकान ढहने के चलते करीब दर्जन भर दबने के बाद मदद के एक साथ हजारों हाथ आगे आ गए। हादसे के दौरान जबरदस्त बारिश हो रही थी। मूसलाधार बारिश की परवाह ना तो राहत व बचाव दल कर रहा था और ना ही वहां मदद को आगे बढ़ने वाले हाथ कर रहे थे। मौके पर पुलिस प्रशासन के आला अफसरों की वहां मौजूदगी इस हौसले को बढ़ाने काम कर रही थी।

जैसे ही किसी घायल को बाहर निकाला जाता, उसको अस्पताल पहुंचाने के लिए पल भर की देरी नहीं की जाती। हालांकि प्रशासन ने एम्बुलेंसों का इंतजाम किया था सभी को स्टैंडबाई पर रखा गया था, लेकिन इसके बावजूद तमाम लोगों ने वहां गाड़ियां लाकर खड़ी कर दी थीं, ताकि जरूरत पड़ने पर काम आ सकें। इस दौरान राहत व बचाव के काम में भी काफी मुसीबतें उठानी पड़ी। दरअसल हुआ यह कि गलियां छोटी होने की वजह से जेसीबी नहीं जा सकी।

उसके बाद आसपास के लोगों को एकत्र कर कटर से लिंटर को काटा गया। साथ ही दो छोटी जेसीबी बुलाकर मलबा हटाया गया। इससे पहले आसपास के लोग मलवा हटाने में जुट गए। इनके पास न तो कोई औजार था और नहीं कटर मशीन या ड्रिल मशीन अथवा जेसीबी, लेकिन उनके पास सबसे बड़ा औजार उनकी हिम्मत थी। हादसे के बाद ही ये तमाम लोग मदद के लिए खुद सामने आ गए। देर रात जब तक बचाव कार्य चला वहां पर मुस्तैद रहे। हाथ बंटाते रहे।

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