- कई कॉलेजों में प्राचार्य मिले गायब तो कही उड़नदस्तों की हुई प्राचार्यों से भिड़ंत
- एनईपी के तहत 196 केंद्रों पर शुरू हुई थी स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं
- शहर के नामचीन कॉलेज में बंद मिले कैमरे, नकल की संभावना से इनकार नहीं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि व उससे संबंधित कॉलेजों में मंगलवार को एनईपी के तहत सुबह की पाली में छह जिलों के 196 केंद्रों पर स्नातक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं शुरू हुई। मगर पहले ही दिन अव्यवस्थाओं के चलते परीक्षा की सुचिता व व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए और ऐसे में परीक्षा मजाक साबित हुई। बता दें कि पहले दिन की परीक्षा में विवि कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने आरजी, एनएएस और इस्माईल कॉलेज आदि में औचक निरीक्षण किया, लेकिन निरीक्षण के दौरान कई कॉलेजों के प्राचार्य गायब मिले।
जिस पर विवि कुलपति ने नराजगी दिखाते हुए कार्रवाई करने की बात कही। वहीं, सूत्रों के अनुसार मेरठ कॉलेज में परीक्षा के दौरान उड़नदस्ता जब निरीक्षण के लिए पहुंचा तो उनकी कॉलेज प्राचार्य एसएन शर्मा से भिड़ंत हो गई। भिड़ंत को बढ़ता देख विवि कुलपति को जानकारी दी गई जिसके तुरंत बाद वह मेरठ कॉलेज पहुंची और उड़नदस्ते व कॉलेज प्राचार्य के बीच मध्यस्थता करने के बाद कॉलेज का औचक निरीक्षण किया गया।
जिसमें कॉलेज के कैमरे आदि बंद पाए गए। जिस पर कुलपति ने सभी को जमकर भटकार लगाई। ऐसे में विवि के नकलविहीन परीक्षा कराने के दावे तो पहले ही दिन हवा-हवाई साबित हो गए। औचक निरीक्षण के दौरान कई कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए हैं। ऐसे में नकल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, मेरठ कॉलेज प्राचार्य से जब मामले की जानकारी लेने के लिए फोन किया गया तो उन्होंने खबर लिखे जाने तक फोन रिसीव नहीं किया।
194 केंद्रों पर हुई पहले दिन परीक्षा
पहले दिन फिजिक्स का पेपर हुआ। सभी केंद्रों पर वैसे तो परीक्षा शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ पर कैमरे बंद पाए गए। जबकि विवि की ओर से परीक्षा से पहले केंद्रों पर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कहा गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विवि की यह परीक्षाएं 26 अप्रैल तक संचालित की जाएगी।
वहीं नई शिक्षा नीति के तहत संचालित पाठ्यक्रमों की परीक्षा में विवि की ओर से पुरानी कॉपियों का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें मेजर पाठ्यक्रमों के विषय कोड भरने के लिए छात्रों को अलग से अपनी कॉपी में बॉक्स बनाने पड़े। पुरानी कॉपी में पेपर कोड के लिए छह बॉक्स बने हुए थे। नई शिक्षा नीति के पाठ्यक्रमों में आठ कोड का पेपर है। विवि के निर्देश के बाद परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों ने छात्रों से कॉपी पर अतिरिक्त बॉक्स बनवाकर पेपर कोड भरवाए।
60 दिन सुरक्षित रखनी होगी रिकॉर्डिंग
मेरठ व सहारनपुर मंडल के 194 केंद्रों पर पहले दिन परीक्षा हुई। जिसमें 16 राजकीय कॉलेज, 51 अनुदानित, 177 सेल्फ फाइनेंस कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला ने सभी केद्रों को रिकॉर्डिंग कर उसकी सीडी भेजने के लिए कहा गया था।

