जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन के वर्तमान सदस्य अरविंद गिरि को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने सदन को वर्तमान विधानसभा के सदस्य अरविंद गिरि के निधन की सूचना के साथ उन्हे श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अठारहवीं विधानसभा के सदस्य अरविंद गिरि का बीती छह सितंबर को लखनऊ आते समय हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया था। नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गिरि पांच बार इस विधानसभा के सदस्य रहे। विधानसभा सदस्य होने के नाते वे सदन की कई समितियों के सदस्य भी रहे। जनप्रतिनिधि होने के नाते वे शोषित, वंचित समाज के लोगों के उत्थान के साथ ही शिक्षा के प्रचार-प्रसार में भी लगे रहे।
जन समस्याओं और राजनीतिक आंदोलनों के चलते उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने गिरि के निधन को सदन के साथ समाज की अपूरणीय क्षति बताया। मानसून सत्र के पहले दिन मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। विपक्षी दलों के रूप में बहुजन समाज पार्टी,कांग्रेस,सुभासपा के ही सदस्य मौजूद थे। नेता सदन के बाद अपना दल एस के रामनिवास वर्मा ने अरविंद गिरि के निधन को अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि पांच बार विधायक रहकर उन्होंने क्षेत्र के सर्वागीण विकास की दिशा में काफी कार्य किया।
उनके द्वारा किए गए कार्य और क्षेत्र में किए गए योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल वालियान ने भी श्री गिरि के निधन पर सदन में पूर्व दलीय नेताओं द्वारा व्यक्त किए गए शोको दृगार से अपने को संबद्व करते हुए कहा कि विधायक चुने जाने से पूर्व उन्होंने छात्र राजनीति और नगरपालिका के अध्यक्ष की हैसियत से क्षेत्र में विकास कार्यो के जरिए जनता में अपनी विश्वसनीयता बनाई जिसके चलते क्षेत्र की जनता ने उन्हे पांच बार सेवा का मौका दिया। अपने कार्यकाल के दौरान उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।अपना दल एस के रामनिवास वर्मा ने कहा कि गिरि के असामयिक निधन ने निश्चित रूप से विचलित किया।
पांच बार विधायक होने के साथ ही वे मौजूदा विधानसभा के अधिष्ठाता मंडल के भी सदस्य थे। सत्र के दौरान उन्होंने कई बार पीठ पर बैठकर सदन का संचालन भी किया।निर्बल शोषित हमारा दल के विधानमंडल दल के नेता संजयनिषाद ने भी श्री गिरि के निधन को अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि अनायास उनका चले जाना। निश्चित रूप से हम सबके लिए शोक का विषय है। जनप्रतिनिधि होते हुए उनकी शैक्षिक सामाजिक कार्यो में विशेष अभिरुचि थी। वे अनेक शिक्षण संस्थाओं से भी जुड़े थे।कांग्रेस विधानमंडल दल की सदस्य आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि गिरि के असामयिक निधन की सूचना से हम सब शोकाकुल है।
वे समाजवादी पार्टी और बसपा के बाद भाजपा के भी इस सदन में सदस्य रहे। वे सदन में नए सदस्यों का मार्गदर्शन भी करते थे। उनके राजनीतिक जीवन से हमेशा सीख मिलती रहेगी। क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों और क्षेत्र की लोकप्रियता के चलते ही उन्हे वहां की जनता पांच बार इस सदन में भेजा।बसपा विधानमंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि अरविंद गिरि के निधन की सूचना मिलने के बाद मानो ऐसा लगा कि कब कौन रहेगा कौननहीं। असमय ही उनका हम सबके बीच से चले जाना हृदय को झकझोर देने वाली सूचनाथी।
उनके चले जाने से मन आज भी काफी मर्माहत है।नेता सदन और दलीय नेता के शोक उदगार के बाद विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि अरविंद गिरि कुल पांच बार इस सदन के सदस्यरहे। वे गोला गोकर्णनाथ से निर्वाचित होने से पूर्व वे तीन बार हैदराबाद से निर्वाचित होकर इस सदन में आए थे। जनसेवा के साथ वे सामाजिक आयोजनों में हिस्सा लेते थे। मौजूदा विधानसभा में अधिष्ठाता मंडल के सदस्य होने के नाते उन्होंने अपने दायित्वों का बखूबी निर्वाह किया। निधन से दो दिन पूर्व ही मुझसे मिले थे। अकस्मात वह हम लोगों के बीच से चले जायेगे। इसका आभास नहींथा। अध्यक्ष के शोको उदगार के बाद संपूर्ण सदन ने दो मिनट मौन रहकर अरविंद गिरी को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

