- एलम में चार घंटे हंगामे के बाद कप्तान ने संभाली कमान
- शव कब्जे में लेने को लेकर छोटे अफसरों से नहीं बनी बात
जनवाणी ब्यूरो |
कांधला: क्षेत्र के कस्बा एलम में पुलिस दबिश के दौरान अधेड़ की मौत के बाद पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर चार घंटे से भी अधिक समय तक हंगामा-प्रदर्शन किया।
इस दौरान थाने, सीओ, तहसीलदार तक सभी अधिकारी आक्रोशित ग्रामीणों को मनाने में असफल साबित हुए। उसके बाद पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव को ही कमान संभालनी पड़ी। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित परिजनों के साथ ग्रामीणों को जांच के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया। तब ग्रामीण शांत हुए।

नगर पंचायत एलम की सुभाष नगर बस्ती में पुलिस दबिश के दौरान दोनों पक्षों के बीच हुई कहासुनी और हंगामे के दौरान ओमबीर कश्यप की मृत्यु हो गई। मृतक पक्ष का आरोप था कि ओमबीर की हत्या पुलिस की पिटाई से हुई है। इसको लेकर पीड़ित परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।
सूचना पर नगर पंचायत एलम दीपा पंवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंचे एसओ रोजन्त त्यागी ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। किन्तु परिजनों व ग्रामीणों ने उनकी बात को मामने से मना कर दिया। ग्रामीण दोषी चारों पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। थाना प्रभारी निरीक्षक ने मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दी।
जिस पर सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को नियत्रंण करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कोशिश की। किन्तु ग्रामीण उनकी बात भी सुनने को तैयार नहीं थे। बाद में सूचना एडिशनल एसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव मौके पर पहुंचें। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने मृतक ओमबीर की पत्नी की और से आई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराने तथा जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आश्वासन ग्रामीणों को दिया।
उन्होंने ग्रामीणों से कानून का पालन करने तथा कानूनी प्रक्रिया में किसी प्रकार की अडचन ना पैदा कर कानून का साथ देने की अपील की। जिसके बाद ग्रामीणों ने पीडित परिवार को मुआवजे तथा सरकारी सहायता की मांग की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को घटना से अवगत कराया।
जिलाधिकारी से वार्ता के बाद तहसीलदार शामली अजय शर्मा ने मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये का मुआवजा तथा ओमबीर की पत्नी को विधवा पेंशन के साथ- साथ जो भी सरकारी सुविधाएं मिल सकती हैं, उनको दिलाने का आश्वासन दिया। किन्तु तहसीलदार के आश्वासन से ग्रामीण सतुंष्ट नही नजर आए।
उन्होेंने मौके पर ही तहसीलदार से पूछा कि जब मृतक किसान नही था तो उसे किस प्रकार पांच लाख रूपए का मुआवजा मिल पायेगा। जिस पर तहसीलदार ने ग्रामीणों को कहा कि मुझे भी पता है कि मृतक किसान नहीं था। मैं सबके सामने अपनी जिम्मेदारी पर यह बात कहकर जा रहा हूं कि पीड़ित परिवार को सभी सरकारी सुविधाओं तथा पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस दौरान भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।

