- कुपोषण दूर करने में मिलेगी मदद, यहां पैदा होने वाले फल और सब्जियों को जरूरत के हिसाब से गर्भवती, धात्री व बच्चों को उपलब्ध कराया जाएगा: आशा त्रिपाठी
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: बच्चों, किशोर-किशोरी, गर्भवती व धात्री माताओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार प्रयत्नशील है। इसी के तहत ग्राम पंचायतों में पोषण वाटिकाएं तैयार की जा रही हैं। अभी तक 500 से ज्यादा पोषण वाटिकाएं जनपद के विभिन्न विकास खंडों में तैयार की गई हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ( डीपीओ ) आशा त्रिपाठी ने बताया – माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की कमी बी भी कुपोषण का एक बड़ा कारण है। इस कमी से महिलाएं एवं बच्चे गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। कुपोषण को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार कीओर से तरह-तरह की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया – जनपद में माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की उपलब्धता के लिए विकासखंडों में पोषण वाटिकाएं तैयार कराई जा रही हैं। इससे आसानी से ताजा हरी सब्जियां व फल की उपलब्धता हो सकेगी। उन्होंने बताया – पोषण वाटिकाओं में उगाई जाने वाली सब्जियां सूक्ष्म पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
सभी को इन पोषक तत्वों को नियमित आहार में शामिल करना चाहिए । खट्टे फल , अदरक , आंवला , अमरूद , पालक, सहजन , चौलाई के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। उन्होंने बताया- इससे बीमारी व वायरल संक्रमण से बचा जा सकता है। इन सब्जियों और फलों में भरपूर पोषक तत्व होते हैं।
उन्होंने बताया- इन वाटिकाओं में पैदा होने वाले फल व सब्जियों को जरूरतमंद गर्भवती, बच्चों व धात्री माताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंनेने कहा- गर्भावस्था से ही सही पोषण का ख्याल रखना जरूरी है। यदि मां सुपोषित होगी तो बच्चा भी सुपोषित होगा। गर्भवती यदि रोजाना पोषक तत्व नहीं लेगी तो उसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ना स्वाभाविक है। भोजन में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है जो हरी साग सब्जियों और फल से प्राप्त किये जा सकते हैं।उन्होंने बताया- सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान में पोषण से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इन ब्लाक में बनी हैं पोषण वाटिकाएं:-
मुजफ्फराबाद -103
देवबंद-45
रामपुर मनिहारान -66
पुंवारका-105
बलियाखेड़ी -102
गंगोह -107
साढौली कदीम-67
नकुड़-78
नानौता-65
सदर ब्लाक-26
नागल-102
सरसावा -101

