- लौकी, तुरई की फसल डूबकर हुई बर्बाद, किसानों के खेतों में कई-कई फीट पानी जमा
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर/सरधना: हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण पानी पांचली बुजुर्ग, हर्रा व खिवाई आदि के जंगलों में पहुंच गया है। लगातार बढ़ता जलस्तर का प्रकोप खादर क्षेत्र के लगते कई किलोमीटर के जंगल में फैले किसानों की फसलों में पहुंच गया है।

लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण मंगलवार को हिंडन का पानी हर्रा मोड़ पर बनी शराब फैक्ट्री, डंपिंग ग्राउंड और गोशाला के आसपास तक भारी रूप से पानी जमा हो गया। लगातार बढ़ रहे पानी के कारण इन कस्बों और गांवों के जंगल में खड़ी ईंख, ज्वार और बाजरा आदि की फसल पूरी तरह से बर्बाद होकर रह गई है।

खासतौर पर उन किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिन्होंने लौकी और तुरई की फसल बो रखी थी। भारी जलभराव होने के कारण लौकी और तुरई की फसल पूरी तरह से बर्बाद होकर डूब चुकी है। मंगलवार को किसानों के नुकसान का आकलन करने के लिए सरधना लेखपाल की एक टीम का दल खादर क्षेत्र के जंगल में पहुंचा और नुकसान की भरपाई के लिए किसानों की फसल का सर्वे का आंकलन किया।
हिंडन नदी के पुल पर किसानों और ग्रामीणों की काफी भीड़ जमा रही। उधर, सरधना क्षेत्र में हिंडन नदी लगातार उफान पर है। हिंडन के आसपास बपारसी, पिठलोकर, नाहली, पांचली आदि दर्जनभर गांव पड़ते हैं। इन गांव के जंगल में कई किलो मीटर तक पानी भर गया है। खेतों में करीब छह फीट तक पानी भरा हुआ है। दर्जनभर गांव के सैकड़ों किसानों के हजारों बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

किसान फसलों को बर्बाद होता देखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे हैं। किसान खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। वहीं हिंडन का जलस्तर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को नदी में रिकॉर्ड जलस्तर रहा। हालत ये है कि पिठलोकर व उसके आसपास पानी आबादी तक पहुंचने लगा है। जिससे इन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। यदि हिंडन नदी में जलस्तर कम नहीं हुआ तो एक दो दिन में पानी आबादी में भरना शुरू हो जाएगा। जिसके चलते ग्रामीणों को घर छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
बिजलीघर में घुस सकता है बाढ़ का पानी
कस्बा हर्रा के जंगल में स्थित 33 केवी के बिजलीघर से महज चंद मीटर की दूरी पर हिंडन का जलस्तर पहुंच गया है। संभावना जताई गई कि जिस तरह से जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ ही घंटों बाद बिजली घर के अंदर पानी घुस सकता है। जिससे बिजली घर पूरी तरह से बिजली आपूर्ति काफी समय के लिए ठप पड़ सकती है। हालांकि इसकी रोकथाम के लिए कोई प्रबंधन फिलहाल सामने नहीं आया है, लेकिन फिलहाल बिजली घर में पानी भरने की पूरी समस्या खड़ी हो चली है।

