जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: मथुरा में दिल्ली-आगरा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक भीषण हादसा हुआ। घने कोहरे के कारण सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं, जिसके बाद वाहनों में आग लग गई। इस हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंच गए। छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने अभी तक केवल चार मौतों की पुष्टि की है। हादसा देर रात हुआ, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहत-बचाव कार्य के लिए मौके पर 11 फायरब्रिगेड की गाड़ियां और 14 एम्बुलेंस भेजी गईं।
दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है और अब एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पहले एक दुर्घटना हुई, जिसके बाद तीन से छह बसों में आग लग गई। हादसे के समय सभी बसें पूरी तरह से भरी हुई थीं और हर सीट पर यात्री मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह हादसे के दौरान सो रहा था, लेकिन अचानक एक जोरदार धमाके के साथ आग फैल गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
क्या बोले मथुरा के एसएसपी
हादसे पर मथुरा के एसएसपी ने कहा कि सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं, जिससे सभी वाहनों में आग लग गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 25 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी ने बताया कि सभी घायलों की हालत स्थिर है। इसके साथ ही मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने मथुरा सड़क हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके साथ ही घायलों के समुचित और बेहतर इलाज के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है, और प्रशासन की ओर से हर आवश्यक मदद सुनिश्चित की जा रही है।

