Friday, March 13, 2026
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समय से पहले विदेशी परिंदों ने हस्तिनापुर में डालना शुरू किया डेरा

  • इस साल मौसम में बदलाव, हर साल अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में गुलजार होती थी हस्तिनापुर खादर की सेंचुरी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मौसम में बदलाव के साथ हस्तिनापुर सेंचुरी में विदेशी परिंदे भी नजर आने लगे है। हालांकि हर साल विदेशी पक्षियों का आगमन सर्दियों की दस्तक के साथ होता था, लेकिन इस वर्ष हस्तिनापुर सेंचुरी में समय से पहले विदेशी पक्षियों ने पहुंचना शुरु कर दिया है।

बता दें कि सेंचुरी में हर साल एशिया, यूरोप, अमेरिका और साइबेरिया आदि महाद्वीपों से हजारों किलोमीटर का सफर तय कर आने वाले ये विदेशी पक्षी हस्तिनापुर सेंचुरी के मखदूमपुर, चेतवाला घाट और भीमकुंड झील क्षेत्र में करीब पांच माह तक रहकर प्रजनन करते है।

जब इनमें से अधिकांश देशों के बर्फ की चपेट में आने से भोजन कम हो जाता है तो ये पक्षी हस्तिनापुर की झीलों का रुख करते है। इन पक्षियों को यहां अपना पसंदीदा भोजन मिल जाएगा। झील में दर्जन भर किस्म की घास उपलब्ध है। इनमें तमाम कीड़े पनपते है।

हजारों मील की उड़ान

अपने वतन से दूर हजारों किलो मीटर की दूरी तय कर मेहमान परिंदे हर साल अक्टूबर माह के अंत में हस्तिनापुर सेंचुरी में आगमन करते हैं। साइबेरियन सहित अलग-अलग महाद्वीपों से मेहमान परिंदे यहां आते हैं। वन्य जीव विहार मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर सहित पांच जिलों की सीमाओं में मौजूद हैं।

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मेहमान परिंदोेंं को मुख्य पड़ाव बिजनौर बैराज के पास स्थित हैदर झील है। इसके अलावा सेंचुरी में हस्तिनापुर के करीब भी कई दलदली झीलों में मेहमान परिंदोेंं की आमद होती है।

दो से तीन महीने होता है प्रवास

मेहमान परिंदे आठ से 10 हजार किमी की दूरी और कई सरहदों को पार कर यहां पहुंचते हैं। दो से तीन महीने यहां इनका ठहराव होता है। मेहमान परिंदे इस दौरान यहीं अंडे देते हैं और जब अपने वतन लौटते हैं तो इनके परिवार में नए मेहमान का आगमन हो चुका होता है।

नवंबर में बढ़ जाएगी संख्या

डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के चलते इस साल मेहमान परिंदों के आने की उम्मीद जल्दी की जा रही है। नवंबर माह के प्रथम पखवाड़े में इनकी तादाद बढ़ेगी। साइबेरियन पक्षी दिसंबर तक आते हैं। फरवरी तक पक्षी प्रेमियों का भी सेंचुरी में जमावड़ा होता है।

हिमालय की चोटी छूकर आते हैं हस्तिनापुर के खादर में

हस्तिनापुर वन्य जीव विहार की वादियों की प्राकृतिक छटा कुछ ऐसी है कि मेहमान परिंदों को हिमालय जैसी ऊंची चोटी भी इन्हें यहां आने से नहीं रोक पाती है। बार हेडिड गीज, ग्रे लेग गीज आदि पक्षी चीन और रूस देशों में पाए जाते हैं। इन दिनों वहां अधिक ठंड पड़ने के कारण ये पक्षी यहां के लिए उड़ान भरते हैं। हिमालय की चोटी को स्पर्श करते हुए इनका आगमन शुरू हो गया है। इनके आने से वन्य जीव विहार का प्राकृतिक सौंदर्य और भी अनुपम हो गया है।

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