जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले में पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा को पूछताछ के लिए समन भेजा है। सूत्रों के अनुसार, उथप्पा को 22 सितंबर को ईडी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।
फिलहाल एशिया कप 2025 की कमेंट्री टीम में शामिल उथप्पा को यह नोटिस ऐसे समय में भेजा गया है, जब एजेंसी इस मामले में कई क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
क्या है मामला?
यह पूरा मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स और उससे जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) की जांच से जुड़ा है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उथप्पा ने किसी सट्टेबाजी एप का प्रचार किया था, और यदि हां, तो इसके बदले उन्हें कोई भुगतान किया गया या नहीं।
पूछताछ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की जाएगी और उथप्पा का बयान भी इसी कानून के अंतर्गत दर्ज किया जाएगा। ईडी यह भी जांच कर रही है कि उथप्पा की इन प्लेटफॉर्म्स में कोई वित्तीय या प्रचार संबंधी हिस्सेदारी रही है या नहीं।
सुरेश रैना और शिखर धवन से भी हुई थी पूछताछ
इस मामले में उथप्पा से पहले पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन से भी ईडी ने दिल्ली में पूछताछ की थी। बताया गया कि दोनों खिलाड़ियों से उनके जुड़ाव, प्रचार और किसी प्रकार के आर्थिक लेनदेन के बारे में सवाल किए गए थे।
करोड़ों की ठगी और टैक्स चोरी का आरोप
ईडी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क न केवल अवैध है, बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये की ठगी और टैक्स चोरी की गई है। अवैध सट्टेबाजी एप्स पर आरोप है कि इन्होंने लाखों लोगों को फंसाकर बड़े पैमाने पर मुनाफा कमाया और इस पैसे को विदेशों में भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। ईडी पहले ही परिमैच जैसे सट्टेबाजी एप्स से जुड़े मामलों में देशभर में छापेमारी कर चुकी है। कई कंपनियां और डिजिटल प्लेटफॉर्म एजेंसी की जांच के दायरे में हैं।
बढ़ता ऑनलाइन सट्टेबाजी बाजार, सरकार भी सतर्क
जांच एजेंसियों और रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में करीब 22 करोड़ लोग ऑनलाइन सट्टेबाजी एप्स का इस्तेमाल करते हैं, जिनमें से लगभग 11 करोड़ नियमित उपयोगकर्ता हैं। विशेषज्ञों का अनुमान है कि भारत का यह बाजार 100 अरब डॉलर से ज्यादा का है और हर साल 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि 2022 से जून 2025 के बीच ऐसे 1,524 निर्देश जारी किए गए, जिनमें अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश शामिल था।
ED के रडार पर और भी बड़े नाम
सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस जांच में और कई नामी चेहरों को तलब किया जा सकता है। ईडी की प्राथमिकता उन सितारों की भूमिका को समझना है जिन्होंने इन एप्स के प्रचार में हिस्सा लिया और आम लोगों को इसके ज़रिए प्रभावित किया।

