थानाभवन: बैंक से ऋण पर ली गई कार को धोखाधड़ी करते हुए एक व्यक्ति को बेचने और 2.65 लाख रुपये हड़पने के मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस एक दरोगा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
थानाभवन थाना क्षेत्र के गांव मुल्लापुर निवासी नेत्रपाल पुत्र रघुवीर सिंह ने थाने में तहरीर देकर बताया कि थानाभवन थाने में साल 2018 में सब इंस्पेक्टर लविंक त्यागी पुत्र राकेश कुमार त्यागी उपनिरीक्षक के पद तैनात था। 20 जनवरी 2018 को नेत्रपाल ने उपनिरीक्षक लविंक त्यागी से एक कार खरीदी थी जिसकी रकम दो लाख 65 हजार रुपये उस समय अदा की गई थी।
नेत्रपाल का कहना है कि उस समय उपनिरीक्षक लविंक त्यागी ने बताया था कि कार पर कोई ऋण बकाया नहीं है पूरा ऋण जमा हो चुका है लेकिन अभी तक आर से नहीं कट पाया है, जो 10 से 15 दिन में कट जाएगा, उसके बाद गाडी को तुम्हारे नाम करवा दूंगा। उस समय कार खरीद का एक शपथ पत्र भी बनवा दिया गया था। इसके बाद पीड़ित नेत्रपाल ने कार की सर्विस और सीएनजी किट लगवाने में 60 हजार रुपये खर्च कर दिए।
आरसी नाम कराने के लिए पीड़ित ने उप निरीक्षक लविंक त्यागी को बहुत बार फोन किए लेकिन वह एक-दो दिन कहकर लगातार टालता रहा। आरोप है कि गत 24 जनवरी 2022 को पीड़ित कार से सहारनपुर के सरसावा की ओर गया हुआ था, इसी दौरान कुछ लोगों ने कार रोककर यह कहते हुए कि गाड़ी पर बैंक का ऋण है और पीड़ित से कार छीन ली थी।
पीड़ित ने पूरा मामला एसआई लविंक त्यागी को बताया और अपने रुपये वापस मांगे। लेकिन लविंग त्यागी ने न तो ऋण के रुपये जमा कराए और न ही उसके रुपये वापस किए। तब से वह एसआई लविंक त्यागी से लगातार फोन पर रुपये वापस करने की मांग कर रहा है लेकिन एसआई पीड़ित को धमकाते हुए कहता है कि आप लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते है। नेत्रपाल ने बताया कि फिलहाल जानकारी करने पर पता चला है कि एसआई लाविक त्यागी हाल में बरेली तैनात है। पीड़ित ने थानाभवन थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में थाना प्रभारी दिलीप शर्मा ने बताया कि आरोपी उप निरीक्षक के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।