- एसटीएफ ने नेपाली युवक को पकड़ा नेपाली करेंसी बरामद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसटीएफ मेरठ ने अग्निवीर सेना भर्ती रैली में असफल हुए अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले गैंग का खुलासा कर गैंग सरगना नेपाली युवक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से 17 हजार नेपाली करेंसी के अलावा कागजात मिले हैं। इसने कई युवकों के साथ ठगी की थी।
प्रदेश के कई जनपदों से अग्निवीर सेना में भर्ती कराने के नाम पर कुछ जालसाजों द्वारा बेरोजगार युवकों को ठगने की सूचना मिलिट्री इन्टेलीजेन्स वाराणसी से प्राप्त हुई थी।जनपद वाराणसी के सेना भर्ती सेंटर 39 जी टीसी कैंटोमेंट में अग्निवीर सेना भर्ती रैली सम्पन्न हुई, जिसमें कुछ जालसाजों द्वारा असफल हुए अभ्यर्थियों को पास कराने का झांसा देकर तीन-तीन लाख रुपये ठगने की सूचना मिलिट्री इंटेलिजेंस वाराणसी से प्राप्त हुई थी।
इस पर एसटीएफ ने नेपाल निवासी वेल नारायण मनेधर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी छह माह से वाराणसी के नमस्ते रेस्टोरेंट कैंट में खाना बनाता है। वहीं पर नेपाल के रहने वाले दिवस विश्वकर्मा जो 39 जीटीसी में डी कम्पनी में सिपाही के पद पर कार्यरत है, से इसकी मुलाकात हुई। उसने बताया कि अग्निवीर भर्ती रैली होने वाली है,

यदि कोई अभ्यर्थी हो तो बताना। इस पर अभियुक्त द्वारा मिर्जापुर के रहने वाले आयुष सिंह से सम्पर्क स्थापित किया। आयुष द्वारा चंदौली के रहने वाले अपने तीन अन्य साथी सचिन, विरेन्द्र और मनीष को भी दिवस विश्वकर्मा से मिलवाया। दिवस विश्वकर्मा द्वारा इन चारों अभियुक्तों से अपने एकाउंट में कुछ पैसे भेजवाया गया तथा शेष कैश के रूप में लिया गया।
लूट निकली फर्जी महिला ने रचा था नाटक
मेरठ: सोमवार देर रात नौचंदी थाना क्षेत्र की जिस महिला से ई-रिक्शा चालक ने एक लाख 20 हजार रुपये लूट लिए थे, वो फर्जी निकली। महिला ने अस्पताल का बिल न चुकाना पड़े, इसके लिये लूट का नाटक रचा था। नौचंदी थाना क्षेत्र के जयदेवी नगर निवासी 50 वर्षीय महिला सुमन पत्नी विनोद ने आनंद हॉस्पिटल से ई-रिक्शा जयदेवी नगर के लिए किया था।
महिला जैसे ही रिक्शे से गढ़ रोड स्थित विनोद हॉस्पिटल के पास पहुंची तो महिला ने चालक से कहा कि जल्दी चलो उसके पास कैश रखा हुआ। बताया जाता है कि इतना सुनते ही चालक ने रिक्शा रोका और महिला के पर्स में एक लाख 20 हजार रुपये निकाल कर फरार हो गया। महिला ने शोर भी मचाया, लेकिन बदमाश भागने में सफल रहे। महिला के परिजन नौचंदी पुलिस से मिले और रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जब सीसीटीवी कैमरे में जांच पड़ताल की तो घटना की पुष्टि नहीं हुई। बाद में महिला से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि अस्पताल में उसका एक मरीज भर्ती है और बिल बहुत ज्यादा हो गया है, जिसे वो दे नहीं पा रही है। इस कारण लूट की बात उड़ाई।

