जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने India AI Impact Summit 2026 में अपने संबोधन की शुरुआत नमस्ते कहकर की और भारत में स्वागत के लिए धन्यवाद जताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में शामिल होकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
भारत के डिजिटल नवाचार की सराहना
मैक्रों ने भारत की डिजिटल पहलों की तारीफ करते हुए बताया कि दस साल पहले मुंबई का एक सड़क विक्रेता बैंक खाता नहीं खोल सकता था, लेकिन आज वही विक्रेता अपने फोन पर भुगतान स्वीकार कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत ने 140 करोड़ लोगों के लिए डिजिटल पहचान (आईडी) बनाई है और डिजिटल पेमेंट सिस्टम हर महीने करीब 20 अरब लेन-देन संभालता है। इसके अलावा भारत ने 50 करोड़ लोगों को डिजिटल हेल्थ आईडी भी जारी की है।
#WATCH | Delhi: At the #IndiaAIImpactSummit2026, French President Emmanuel Macron says, “10 years ago, a street vendor in Mumbai could not open a bank account. No address, no papers, no access and today the same vendor accepts payments on his phone…”
(Source: DD News) pic.twitter.com/GYzgmu1Eqg
— ANI (@ANI) February 19, 2026
मैक्रों ने कहा, “भारत ने ऐसा डिजिटल सिस्टम बनाया है, जो दुनिया में किसी और देश ने नहीं बनाया। यह एक खुला और जुड़ा हुआ डिजिटल सिस्टम है और यही इस सम्मेलन का मुख्य विषय है। दुनिया अब डिजिटल क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने के नए दौर की शुरुआत पर खड़ी है।”
पेरिस एआई एक्शन समिट का जिक्र
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने याद दिलाया कि पिछले साल भारत और फ्रांस ने पेरिस में Paris AI Action Summit की सह-मेजबानी की थी, जिसमें उन तकनीकों के लिए वैश्विक मार्गदर्शक सिद्धांत तय किए गए थे जो समाज और अर्थव्यवस्थाओं में क्रांति ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि एआई मानवता को स्वास्थ्य, ऊर्जा, परिवहन, कृषि और सार्वजनिक सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम बनाएगा।
मैक्रों ने यह भी कहा कि एआई अब रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख क्षेत्र बन गया है और बड़ी तकनीकी कंपनियां पहले से भी बड़ी हो गई हैं।

