
आज शिक्षक दिवस है। भारत के प्रख्यात दार्शनिक, शिक्षक, प्रथम उपराष्ट्रपति डाक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म दिन। अपने समकालीन भारतीय विद्वानों की भांति वे भी महात्मा गांधी के संपर्क में 1915 में आए। राधाकृष्णन शिक्षक थे, पर महात्मा गांधी से उनकी वार्ता शायद धर्म, आध्यात्म को लेकर ज्यादा हुई। उन्हें महात्मा गांधी के 71 वें जन्मदिन पर ‘गांधी अभिनन्दन ग्रन्थ’ व गांधीजी की मृत्यु उपरान्त ‘गांधी श्रद्धांजलि ग्रन्थ’ के सम्पादन का दायित्व सौंपा गया। इन ग्रंथों में उन्होंने गांधी के धर्म, आध्यात्म, धार्मिक सहिष्णुता, रचनात्मक कार्यक्रम व राजनीतिक विचारों पर दो लेख लिखने के साथ ही गांधीजी के नई तालीम संबंधी विचारों पर चंद पंक्तियां लिखीं-‘खादी पर बार-बार जोर देने में और शिक्षण की अपनी योजना का आधार बनाने में भी ग्रामों का पुनरुद्धार रहा है।’