- मंडावली, नांगल सहित तमाम ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही थी सप्लाई
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: नगर के व्यापारी विजय कुमार व उनके पुत्र द्वारा नकली दूध पाउडर बना कर बेचने का खेल पिछले तीन साल से चल रहा था। इस बात को प्रशासन की पूछताछ में पिता पुत्रों ने इस बात को स्वीकार करते हुए बताया कि पिछले तीन साल से वे नकली मिल्क पाउडर बना कर बेचने में लिप्त थे और इस नकली दूध पाउडर को वे नगर के आस-पास सहित तमाम सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई कर रहे थे।
नगर के बाजार मोरी कल्लूगंज में विजय कुमार और उनके पुत्र विशाल के द्वारा पारस व मधुसूदन कम्पनी के नाम से नकली दूध पाउडर बड़े पैमाने पर बना कर बेचे जाने की शिकायत पारस व मधुसूदन कम्पनी के मार्केटिंग अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने डीएम व एसपी से की थी।

जिसके बाद एसडीएम परमानन्द झा व सीओ गजेन्द्र पाल सिंह के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी व पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को संबधित आरोपी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी की थी जहां टीम को दुकान पर काफी मात्रा में अपमिश्रित दूध पाउडर के तीन पैकट व काफी मात्रा में खाली रैपर मिले थे।
उसके बाद टीम ने सब्नीग्रान स्थित मकान पर छापेमारी की थी। जिसमें टीम को विजय कुमार व विशाल के घर पर बड़े पैमाने पर 368 पैकट पारस ब्रांड के व 84 पैकट माल्टीडेकर ट्रेन ब्रान्ड के मिले सभी पैकट मौके पर 25-25 किलो के तैयार किए जा रहे थे।
खाद्य विभाग की टीम ने पांच-पांच नमूने के सैंपल लेकर उनको सील बंद किया। वहीं गोदाम में मिली सभी सामग्री को पुलिस ने अपने कब्जे में कर लिया और गोदाम को सील किया गया। इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ी बात यह है कि पूछताछ में विशाल व विजय कुमार ने यह स्वीकार किया कि वे पिछले तीन साल से इस कार्य मे लिप्त है।
परिवार खुद करता था मिलावटी दूध पाउडर तैयार: एसडीएम
नजीबाबाद में मिलावटी दूध पाउडर के इस पूरे प्रकरण में छानबीन के बाद एसडीएम परमानन्द झा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोनो पिता पुत्र घर में अपने परिवार के सदस्यों सहित खुद ही बड़े स्तर पर नकली दूध पाउडर बनाने के कार्य में लिप्त थे।
घर में किसी भी लेबर व मजदूर की कोई एन्ट्री नहीं होने के कारण किसी को भी इनके इस कार्य की भनक तक नहीं लग सकी। पुलिस प्रशासन व खाद्य विभाग की टीम की छापेमारी के दौरान मौके पर घर के सदस्य कमरे में मिलावटी दूध पाउडर बनाते पाए गए।
मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वालों को एसडीएम ने दी चेतावनी
इस मामले का पर्दाफाश होने के बाद एसडीएम परमानन्द झा ने मीडिया से वार्ता में यह भी कहा कि नगर में मिलावटी खाद्य सामग्री बेचने वाले चेत जाए और खुद ही अपने मिलावटी सामान को नष्ट कर दे अन्यथा पकड़े जाने पर ऐसे लोग बख्शे नहीं जाएगे और उन पर कड़ी विधिक कार्रवाई होगी।
जन स्वास्थ्य से कर रहे थे खिलवाड़
नगर में बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध पाउडर बनाने में लिप्त विजय व विशाल का परिवार किस प्रकार लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे थे इसका भण्डा फोड़ होने पर नगर के लोगों ने दांतो तले अंगुली दबा ली और कई लोगों में आरोपियों के खिलाफ आक्रोश भी देखा गया। कुछ आस-पास के दुकानदारों का कहना था कि वे कई सालों से मिल्क पाउडर बेच रहे थे।
वहीं छानबीन में यह बात भी खुली कि व्यापारी पारस दूध पाउडर के पैकेट को नीचे की ओर से काटकर उसमें डेस्ट्रीन माल्टा नाम का पाउडर तथा मक्की का आटा मिलाकर पुन: पारस व मधुसूदन कंपनी के दूध पाउडरों के पाउच में पैक कर बेच कर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। सीओ गजेन्द्र पाल सिंंह ने बताया कि इस मामले में कापी राईट एक्ट की धारा 463, 651 एवं आईपीसी की धारा 272 व 420 के अन्तर्गत प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए है।

