नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। गणगौर पूजा चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस वर्ष, 21 मार्च को तृतीया तिथि सुबह 02:31 बजे आरंभ होगी और रात 11:57 बजे समाप्त होगी। पंचांग के अनुसार इसी दिन गणगौर व्रत किया जाएगा।
गणगौर व्रत विशेष रूप से विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख-समृद्धि के लिए करती हैं। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है।
गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार 21 मार्च को रवि योग बन रहा है। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
पहला मुहूर्त: प्रातः 04:49 से 05:36 तक
दूसरा मुहूर्त: प्रातः 07:55 से 09:26 तक
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि कर स्वच्छ वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
गणगौर पूजा विधि
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- पूजाघर को साफ करके लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं।
- मिट्टी या लकड़ी से बनी ईसर-गौरी (भगवान शिव और देवी पार्वती) की मूर्तियां स्थापित करें।
- कलश में गंगाजल भरें और उसके ऊपर गेहूं का ज्वारा रखें।
- माता रानी को मेहंदी, कुमकुम, चूड़ियां, मंगलसूत्र और नए वस्त्र अर्पित करें।
- षोडशोपचार पूजा करें, जिसमें जल, अक्षत, फूल, धूप, दीपक, नैवेद्य और फल अर्पित किए जाते हैं।
- पूजा के अंत में आरती करें, प्रसाद वितरित करें और व्रत संपन्न करें।
गणगौर पूजा मंत्र
ॐ ह्रीं गौरीपतये स्वाहा
कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ।
नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः ॥
गणगौर पूजा सामग्री
- ईसर-गौरी की मूर्तियां
- चौकी, कलश, तांबे का लोटा
- गंगाजल, हल्दी, कुमकुम, रोली, अक्षत
- फूल, फूलमाला, दूब घास, सिंदूर, मेहंदी, काजल
- चूड़ी, मंगलसूत्र, दीपक, घी, कपूर, अगरबत्ती
- नैवेद्य – हलवा, पूड़ी, मिठाई, फल (केला, नारियल, सेब)
- पान के पत्ते, सुपारी, लौंग-इलायची, गेहूं का ज्वारा
- गुड़, गेहूं का आटा, चंदन, रंग-बिरंगे कपड़े
- मौली या कलावा, नारियल, सिक्के
गणगौर पूजा का महत्व
विवाहित महिलाएं: अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं।
अविवाहित महिलाएं: एक योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए व्रत करती हैं।
गणगौर पर्व होली के बाद शुरू होता है और 18 दिनों तक चलता है, जो तृतीया तिथि को समाप्त होता है। यह पर्व सामुदायिक सौहार्द और पारिवारिक भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

