- आरोपी सुशील फौजी गैंग से खतरा बताकर एसएसपी से सुरक्षा की गुहार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शातिर गैंगस्टर सुशील फौजी के गिरोह से दशहतजदा परिवार के युवक इरफान ने सोमवार को पुलिस कार्यालय पर एसएसपी से सुरक्षा की गुहार लगायी है। मामला रोहटा थाना के गांव भदौडा का है। इस गांव का युवक सोमवार को पुलिस कार्यालय पहुंचा और एसएसपी से फरियाद की। उसने बताया कि गैंगस्टर सुशील फौजी के चचेरे भाई पर सरेआम भरे बाजार में उस पर पिस्टल तान दी। और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए एसएसपी से शिकायत की है। जहां उन्होंने पीड़ित की गुहार पर हर संभव मदद का शासन दिया है।
भदौड़ा गांव निवासी इरफान पुत्र सईद सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर कहा कि शातिर बदमाश सुशील फौजी बीते दिनों पहले उनके घर में घुसकर जानलेवा हमला किया था। पीड़ित ने जिसकी शिकायत थाने में की थी और पुलिस ने इस पर मुकदमा दर्ज कर लिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बदमाश पीड़ित परिवार पर पूर्व में दर्ज मुकदमा को वापस करने का दबाव बना रहा है।

उनका यह भी कहना है कि दो दिन पहले वह पास के गांव में बाजार से सामान खरीदने के लिए गया था। जहां सुशील फौजी के चचेरे भाई ने भरे बाजार में पिस्टल तान दिया और जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद पीड़ित सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा। जहां उन्होंने एसएसपी से शिकायत करते हुए बदमाश और उसके साथी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महंत ने प्रशासन को दिया 10 दिन का समय
मेरठ: हस्तिनापुर के कौरवान स्थित एतिहासिक कर्ण मन्दिर प्रकरण को सुलझाने के लिए अब प्रशासनिक स्तर पर भी बातचीत का दौर शुरू हो गया है। एसडीएम अखिलेश यादव व सीओ आशीष शर्मा ने हस्तिनापुर पहुंच कर मन्दिर के महंत से बात की और उनसे आग्रह किया कि वो अग्नि समाधि लेने का अपना निर्णय टाल दें।
महंत शंकर देव ने घोषणा कर रखी थी कि यदि कर्ण मन्दिर प्रकरण को नहीं सुलझाया गया तो 18 सितम्बर को अग्नि समाधि ले लेंगे। उल्लेखनीय है कि दो दिन पूर्व बड़ी संख्या में ग्रामीण भी कर्ण मन्दिर प्रकरण को हल करने व महंत के समर्थन में नायाब तहसीलदार से मिल चुके हैं। इसके अलावा इस पूरे मामले में ज्ञापन के जरिए मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया जा चुका है। हस्तिनापुर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने मंहत से वार्ता की

और उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में अगर कोई दोषी है तो उसके खिलाफ शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी। इस पर महंत ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को 10 दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस दौरान कर्ण मन्दिर का मामला न सुलझा तो वो अपने अपने पूर्व निर्णय के अनुसार अग्नि समाधि ले लेंगे। गौरतलब है कि इस पूरे मामले में महंत और ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारियों एवं भू-माफियों पर आरोप लगाते हुए उन्हें कटघरे में खड़ा किया है।

