- ग्राहक झालर खरीदते हुए दे रहे हैं मेन इन इंडिया की झालर को वरीयता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रोशनी का त्योहार दीवाली जैसे ही जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे बाजारों में दीवाली की सामानों की झलक देखने को मिल रही हैं।
हर साल की तरह दीवाली के लिए साज-सज्जा एवं घर को रोशनी से जगमगाने के लिए ग्राहक झालरों को खरीद रहे हैं, लेकिन अबकी बार का नजारा कुछ अलग दिखाई दे रहा हैं।
हर बार बाजारों में प्रमुखता से बिकने वाली चाइनीज झालरों की जगह अबकी बार मेड इन इंडिया की झालरों की डिमाड़ देखने को मिल रही हैं।
देशवासियों के दिलों में मेड इन इंडिया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं से अपील करते हुए देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की थी। जोकि कही न कही बिना नाम लिए चाइना से आनी वाली चीजों की जगह भारत में बनी चीजों को खरीदने के लिए निवेदन था। जिसकी पहली झलक दीवाली पर देखने को मिलेगी।
क्योंकि हर साल दीवाली पर सजावट के लिए चीन की झालरों का ज्यादा उपयोग किया जाता रहा है। परंतु इस बार देशवासियो के दिलों में मेड इन इंडिया के सामानों के प्रति दिलचस्पी बढ़ गयी है।
जिसकी बानगी बाजारों में देखी जा सकती हैं। दरअसल कोरोना काल मे सभी व्यापारियों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा है।
जिसके चलते अब तक भी व्यापार पटरी पर नहीं लौटा है, लेकिन दीवाली पर व्यापारियों को व्यापार में काफी उछाल की उम्मीद है। वहीं, दूसरी ओर भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव को मद्देनजर रखकर ग्राहकों ने भी चीनी झालरों को नकारते हुए भारतीय झालरों को अधिक बढ़ावा दे रहे है।
हनुमान चौक स्थित भारत इलेक्ट्रिकल के मालिक रूपेश श्रीवास्तव कहते है कि हर बार के मुकाबले इस बार 50 प्रतिशत कम कारोबार है, लेकिन इस बार सिर्फ भारत की ही झालरों को प्राथमिकता दी जा रही है।
क्योंकि, सारा सजावट का सामान भारत मे ही बनाया गया है। ग्राहकों की पहली पसंद ही इस बार मेड इन इंडिया के सामान की है।
हर ग्राहक पहले यही पूछता है कि ये सामान चीन का तो नहीं है। उधर, बच्चा पार्क स्थित फिरोजाबाद लाइट्स के मालिक सुभाष शर्मा कहते हैं कि सारा सामान मेड इन इंडिया का ही आ रहा है।
चीन से कुछ भी इम्पोर्ट नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक के हालात के अनुसार हर साल के मुकाबले इस साल सेल भी बहुत कम है।

