Sunday, March 22, 2026
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भक्तों के विशेष प्रेम से अवतरित होते हैं भगवान

  • भैंसाली मैदान में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन चिन्मयानंद बापू ने पारिवारिक रिश्तों की मजबूती पर दिया बल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भैंसाली मैदान में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन चिन्मयानंद बापू ने कहा कि भगवान राम पर संदेह के उपरांत माता सती उनकी परीक्षा लेने गई, लेकिन परीक्षा में विफल रही और बाद में उन्हें पछतावा हुआ। बापू ने कहा की बगैर विचार किए कोई भी कार्य भी हम करते हैं तो हमें बाद में पछताना ही पड़ता है। जब कृषि सूख जाए तो बारिश हो उसका क्या फायदा इसलिए प्रत्येक कार्य के पहले सोच समझकर विचार करें और फिर कार्य करें बाद में।

माता सती के इस कृत्य के उपरांत भगवान शिव ने उनका परित्याग किया और समाधि में चले गए। शिव की समाधि में जाते ही माता सती को बहुत पश्चाताप हुआ। कथा के माध्यम से बापू ने कहा की पति पत्नी का रिश्ता दूध और पानी की तरह होना चाहिए। जिस प्रकार दूध पानी को अपने में मिला लेता है और अपनी कीमत में बिकवा भी देता है। इतना प्रेम दंपति के रिश्ते में होना चाहिए, लेकिन उसी दूध में जब कोई खटाई डाल दे तो दूध अलग हो जाता है और पानी अलग हो जाता है।

इसी प्रकार दंपति के रिश्ते में यदि कपट रूपी खटाई पढ़ जाए तो रिश्तों में दरार हो जाती है। इसलिए हर पति पत्नी को चाहिए की रिश्तो में कभी कपट ना हो बाद में शिव समाधि से उठने के बाद माता सती ने शिवजी से अपने पिता के यज्ञ में जाने के लिए अनुरोध किया। बार-बार मना करने पर भी माता सती नहीं माने और पिता की यज्ञ में गई और वहां जाकर यज्ञ में उन्हें देह त्याग करना पड़ा।

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इसका मतलब यह है किस शिव का अर्थ है कल्याण और जिस यज्ञ में कल्याण की भावना ना हो पर हित की भावना ना हो। बापू ने कहा कि वे यज्ञ कभी पूर्ण नहीं हो सकता। इसलिए कोई भी धर्म यज्ञ हो कथा ज्ञान यज्ञ हो उसमें परमार्थ की जनकल्याण की भावना अवश्य होनी चाहिए। बाद में कथा के क्रम को शिव विवाह की ओर मुड़ते हुए बापू ने कहा की माता सती ने अपना दूसरा जन्म हिमालय महाराज के यहां पार्वती के रूप में लिया और भगवान शिव की अनन्य भक्ति करते हुए भगवान शिव को प्रसन्न किया और बाद में भगवान शिव ने उनसे विवाह किया।

तत्पश्चात राम जन्म की कथा सुनाते हुए बापू ने कहा कि माता पार्वती ने जब भगवान शिव से राम जी के विषय में अपनी जिज्ञासा प्रकट की तब भगवान शिव ने राम कथा माता पार्वती को सुनाई। कथा हमें यह संदेश देती है कि हम अपने वैवाहिक जीवन में भी भगवत चर्चा और राम चर्चा बंद ना करें क्योंकि परिवार में जब तक भगवत चर्चा आरंभ रहेगी परिवार खुशहाली सुख समृद्धि के लिए आगे बढ़ेगा।

भगवान शिव ने राम जन्म के पांच कारण बताएं और कारणों से भगवान राम का अयोध्या में जन्म हुआ। बापू ने कहा की भक्तों की विशेष प्रेम के कारण ही निर्गुण निराकार प्रभु सगुण साकार के रूप में अवतरित होते हैं। ब्राह्मण गायों देवताओं साधु-संतों और संपूर्ण सृष्टि के जन कल्याण के लिए मनुष्य रूप में अवतार लेते हैं।

आयोजक मंडल में कथा के अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता मुख्य यजमान, रवि माहेश्वरी, मुख्य स्ांयोजक ज्ञानेंद्र अग्रवाल, महामंत्री अमित गर्ग मूर्ति, संयोजक हर्ष गोयल, कोषाध्यक्ष अनिल मित्तल प्रचार मंत्री संजीव गुप्ता मीडिया प्रभारी अमित शर्मा रहे।

जिनके धर्म में कमियां, वही कराते हैं धर्मांतरण

विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के संस्थापक और संत चिन्मयानंद बापू का कहना है कि धर्मांतरण का काम वही लोग करते हैं जिनके धर्म में कमियां होती है। सनातन धर्म तो कनवेंस करता है कनवर्ट नहीं। उन्होंने कहा कि विदेशों से आ रहा भिखारियों वाले फैशन ने युवाओं की सोच तक को विकृत कर दिया है। वेस्ट एंड रोड स्थित साधना धाम में पत्रकारों से बातचीत में चिन्मयानंद बापू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने भी महाभारत में अर्जुन को जागृत करने का काम किया था।

अर्जुन तो महाभारत में छोड़कर जाने वाले थे। उन्होंने मतांतरण करने वालों को आडे हाथ लिया। इससे आगे उन्होंने कहा कि फटी हुई जींस के बढ़ते प्रचलन को कड़े शब्दों में कहा कि भिखारियों वाला फैशन विदेश से लाकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। चिन्मयानंद बापू ने कहा कि युवाओं को स्वाध्याय जरूर करना चाहिए। देश के युवाओं में जागृति लौटने लगी है। हम लोग वापस अध्यात्म की ओर लौट रहे हैं। यह एक अच्छा संकेत है।

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उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि रामचरितमानस जरूर पढ़नी चाहिए। एक दोहा चौपाई रोज हमें पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। हमारा देश विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है। चिन्मयानंद बापू ने बालीवुड को दिशाहीन बताया। उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में फटे हुए कपड़े पहनना दरिद्रता की निशानी होती थी, लेकिन अब बालीवुड के कलाकारों को देखकर युवा वर्ग फटी हुई जींस पहनने लगा है।

यह बिल्कुल गलत है। टीवी पर जितने सीरियल आते हैं, उनसे प्रभावित होकर परिवार टूट रहे हैं। समाज में एकल परिवार का प्रचलन बढ़ने लगा है। जबकि, हमारे देश में संयुक्त परिवार आदर्श होता था। टीवी पर बढ़ती फूहड़ता के बारे में कहा कि प्रदर्शन के बजाय जीवन में दर्शन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्मों में गजनी कट जैसी चीजें बच्चों के लिए बड़ी हानिकारक हैं। पत्रकार वार्ता में हर्ष गोयल, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, अमन गुप्ता, अमित शर्मा आदि मौजूद रहे।

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