नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोना और चांदी की चमक मंद पड़ने लगी है। वैश्विक बाजार में सितंबर 2011 के बाद सोने की कीमतों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई है। पिछले हफ्ते सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस से घटकर 4,036 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
घरेलू बाजार में भी भारी गिरावट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोना प्रति 10 ग्राम 1.23 लाख रुपये पर आ गया है, जबकि 17 अक्टूबर को यह 1.34 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। यानी करीब 12,000 रुपये की गिरावट देखी गई है। इसी तरह चांदी भी 1.84 लाख रुपये प्रति किलो से घटकर 1.72 लाख रुपये पर आ गई है।
अमेरिकी बाजार में सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट
न्यूयॉर्क में सोमवार को सोने का वायदा भाव रिकॉर्ड 4,374 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ था, लेकिन मंगलवार को इसमें 250 डॉलर (5.74%) से अधिक की गिरावट आई — यह सितंबर 2011 के बाद से सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है।
क्यों गिरे सोने-चांदी के भाव
विश्लेषकों का कहना है कि हालिया गिरावट अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते आई है। अब निवेशक शेयर और अन्य जोखिम वाले एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देशों के बीच भूराजनीतिक तनाव, महंगाई और केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी के कारण सोना लगातार बढ़त में था। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि कीमती धातुओं में अस्थिरता आम बात है, इसलिए ऐसे उतार-चढ़ाव को असामान्य नहीं कहा जा सकता।
चांदी में भी भारी टूट
न्यूयॉर्क में चांदी के वायदा भाव में मंगलवार को 7% की गिरावट दर्ज की गई। यह अब 47.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है, जो पिछले सप्ताह के रिकॉर्ड 53.44 डॉलर प्रति औंस से काफी नीचे है।
निवेशकों के लिए संकेत
हालांकि सोना अब भी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता से बचाव का एक भरोसेमंद जरिया हो सकता है। लेकिन सलाह दी जाती है कि निवेशक अपने पोर्टफोलियो का पूरा पैसा सोने या चांदी में न लगाएं, बल्कि निवेश में विविधता बनाए रखें।

