- केन्द्र अनावश्यक खर्चों में कटौती पर कर रहा विचार
- एक से डेढ़ लाख रुपये तक प्रति व्यक्ति की कमी की उम्मीद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आर्थिक तंगी से गुजर रहे कई लोगों के लिए खुशखबरी है। केन्द्र सरकार एक ऐसी योजना पर काम कर रही है जिसके तहत भारतीय हज यात्रियों का आर्थिक बोझ थोड़ा कम हो जाए। इसके लिए केन्द्र सरकार, हज कमेटी आॅफ इण्डिया व राज्य हज कमेटियों के बीच बातचीत लगभग मुकम्मल हो चुकी है।
हाल ही में सम्पन्न हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इस बात पर चर्चा की गई कि कौन-कौन से अनावश्यक खर्च हैं जिनमें कटौती कर भारतीय हज यात्रियों को सहुलियतें प्रदान की जाएं। सूत्रों के अनुसार बाकायदा इन अनावश्यक खर्चों को रेखांकित किया गया। अब इस मुद्दे पर शीघ्र ही कोई अन्तिम निर्णय लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार इस बार हज यात्रा में एक से डेढ़ लाख रुपये क म खर्च आने की उम्मीद है।
गत दिनों हुई इस बैठक में केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी व यूपी हज कमेटी के चेयरमेन मोहसिन रजा सहित बड़ी संख्य में लोग उपस्थित थे। केन्द्र सरकार के इस प्रयास पर कई लोगों ने खुशी का इजहार भी किया है। बैठक की एक खास बात यह भी रही कि अब हज पर जाने वाले हर व्यक्ति की आरटीपीसीआर जांच भी सरकारी स्तर से ही बनेगी।
गौरतलब है कि कोरानाकाल के बाद से हज पर जाने वाले आजमीन ए हज की संख्या भी लगातार घट रही है क्योंकि हज फेयर मेें भी कमी दर्ज की जाएगी। अब तक के मुताबिक प्रति हज यात्री का खर्च चार से पांच लाख रुपये के बीच बैठ रहा है, लेकिन अगले साल से इसमें और कटौती की संभावना व्यक्त की जा रही है।

