Friday, March 6, 2026
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अब सरकारी पाठशाला में टैबलेट पर लगेगी शिक्षकों व बच्चों की हाजिरी

जनवाणी विशेष

  • स्कूलों से लगातार गैरहाजिर रहने वाले शिक्षक अब नही बच पायेंगे
  • प्रत्येक स्कूल के हेड मास्टर को मिलेगा टेबलेट वो भी बायोमेट्रिक
  • अधिकारियों के चहेते शिक्षकों का संबद्धीकरण भी नहीं चलेगा

मुख्य संवाददाता |

बिजनौर: सरकारी पाठशालाओं के गुरू जी को भी डिजिटल तकनीकों से लैस करने के इरादे से सरकार ने सभी प्रधानाध्याप को टेबलेट देने के लिए कमर कस ली है।

अभी कुछ माह पहले प्रेरणा एप से हाजिरी लगाने का आदेश आते ही शिक्षक संगठनों ने भारी विरोध किया था। उनकी मांग थी कि निजी मोबाइल से सरकार अपने काम किस तरह करा सकती है?

इसके अलावा शिक्षिकाओं की सुरक्षा जैसे तर्क देकर दुहाई दी गयी थी। इस आदेश को वापस लेकर यदि सरकार शिक्षकों की उपस्थिति को डिजिटल तकनीकों द्वारा मॉनीटर करना चाहती है तो पहले मोबाइल उपलब्ध कराये।

उनकी मांग पूरी करते हुए सरकार ने सभी प्रधानाध्यापकों व एआरपीको मोबाइल से भी एक कदम आगे बढ़कर टैबलेट उपलब्ध कराने का आदेश जारी कर दिया है।

लंबे समय से सरकारी पाठशालाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रश्न चिह्न लगते रहे हैं। निरीक्षणों में शिक्षकों व छात्रों की अनुपस्थिति को लेकर भी समाज में विभाग व स्कूलों की नकारात्मक छवि बनी है।

कोई भी व्यक्ति अपने बच्चों को सरकारी विद्यालयों में नहीं पढ़ाना चाहता है केवल उन्ही ग्रामीणों के बच्चे विद्यालयों में आ रहे हैं , जिनके पास आय के अनिश्चित साधन हैं।

इसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं इन पाठशालाओं में संसाधनों का अभाव रहता है तथा शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाने के कारण शिक्षक पढ़ाई की गुणवत्ता के प्रति जवाबदेह नही रह जाते है।

हालांकि कुछ शिक्षकों ने लीक से हटकर स्वयं के संसाधनों से सरकारी पाठशालाओं को इतना हाईटेक बना दिया है कि वे पब्लिक स्कूल को भी आईना दिखा रहे हैं। लेकिन ऐसे स्कूलों को अंगुलियों पर गिना जा सकता है।

वर्तमान सरकार ने आते ही इन स्कूलों की छवि को सुधारने का प्रयत्न किया और राज्य वित्त आयोग से ग्राम पंचायतों द्वारा सरकारी पाठशालाओं में विभिन्न संसाधनों जैसे भवन की मरम्मत, फर्श का टाइलीकरण, मल्टीपल हैंडवाश, आधुनिक रूप के शौचालय, रंगाई-पुताई, ब्लैक बोर्ड की मरम्मत आदि कराकर समाज को संदेश दिया, कि सरकार इन स्कूलों की दशा सुधारने को लेकर गंभीर है।

इसी कड़ी में शिक्षकों की विद्यालय में उपस्थिति व उन्हे आन लाइन प्रशिक्षण देने व अपडेट करने के लिए प्रत्येक विद्यालय में एक टेबलेट पहुॅचाने का निर्णय लिया है।

इसके लिए आठ सितंबर को बेसिक शिक्षा निदेशालय द्वारा ई-टेंडर आमंत्रित करने के लिए विज्ञप्ति जारी की गयी है। प्रक्रिया को त्रुटि रहित बनाने के लिए टेंडर डालने वाली फर्मों की 15 सितम्बर को एक बैठक आयोजितकर उन्हे टैबलेट की विशिष्टताओं व विकास खंड पर पहुॅच एवं जिम्मेदारी बतायी जायेगी। 29 सितम्बर तक आॅनलाइन निविदायें डाली जा सकती हैं। टैबलेट में प्रथम बार शिक्षकों एवं छात्रों के रजिस्ट्रेशन के जिम्मेदार भी आपूर्तिकर्ता होंगे।

ऐसा होगा स्कूलों को मिलने वाला टैबलेट

टैबलेट में इन बिल्ट फिंगर प्रिंट सेंसर होगा जिससे बायोमीट्रिक हाजिरी ली जा सके। टैबलेट की रैम दो जीबी तथा इंटरनल स्टोरेज 16 जीबी होगी। टैबलेट डबल सिम वाले होंगे और दो जीबी डाटा मिलेगा।

इससे शिक्षकों की नियमित रूप से तथा छात्रों की प्रत्येक 15 दिन बाद हाजिरी ली जायेगी। इन सब के लिए विद्यालय के प्रधानाध्यापक की टेÑनिंग व टैबलेट वितरण की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता संस्था की होगी।

वितरण ब्लॉक स्तर पर होगा। हैडमास्टर अपने अधीनस्थ सहायक अध्यापकों को प्रशिक्षित करेगा। टैबलेट में अभी चल रहे सभी एप जैसे मानव सम्पदा, दीक्षा, प्रेरणा आदि अपलोड होंगे। तीन वर्ष तक मेंटीनेन्स की जिम्मेदारी आपूर्तिकर्ता फर्म की ही रहेगी।

इन टैबलेट्स को आपूर्तिकर्ता संस्था ब्लाक स्तर पर प्रत्येक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को एक दिन के प्रशिक्षण में वितरित करेगी। प्रशिक्षण चार घण्टे का होगा जिसमे अध्यापक का रजिस्ट्रेशन व टैबलेट की पूर्ण जानकारी दी जायेगी।

जनपद में बेसिक शिक्षा की अनेक योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले वरिष्ठ शिक्षक गुलशन गुप्ता ने कहा कि उम्मीद है कि ये टैबलेट इस वर्ष के अन्त तक अध्यापकों के हाथों में होंगे।

हालांकि हमारे सभी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय समय से पहुॅचते हैं परन्तु टैबलेट के द्वारा हमारा यह दावा प्रमाणित हो जायेगा, लेकिन सरकार को इसके साथ गैर शैक्षणिक सभी कार्यों से शिक्षक को मुक्तकर केवल और केवल शिक्षा के लिए समर्पित कर देना चाहिए तो परिणाम और अधिक उत्साहजनक होंगे।

टैबलेट के आने से विद्यालयों में पढ़ने व पढ़ाने की तकनीक में क्रान्ति कारी परिवर्तन होगाञ। साथ ही समाज में सरकारी विद्यालयों की छवि औरअधिक सकारात्मक बनेगी।

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