Saturday, January 29, 2022
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अधिकारी समय पर, स्टाफ नदारद

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  • मुख्यमंत्री के आदेशों की उड़ीं धज्जियां, लोग परेशान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: प्रदेश के मुखिया के आदेश हैं कि सभी विभागों में अधिकारी और कर्मचारी समय पर पहुंचे और लोगों के कार्य करें, लेकिन विभागों के हालातों की स्थिति को देखकर ऐसा नहीं लगता कि मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन भी किया जा रहा है।

शास्त्रीनगर स्थित आवास विकास परिषद कार्यालय की बात करें तो यहां मंगलवार को कई खंड कार्यालयों में अधिकारी और यहां तैनात क्लर्क तक समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे, ऐसे में जनता किसके भरासे रहे।

हम बात कर रहे हैं शास्त्री नगर स्थित आवास विकास परिषद कार्यालय की। मंगलवार सुबह 10:35 मिनट की बात करें तो यहां कई खंड कार्यालयों में अधिकारी ही नहीं थे।

इसके अलावा उन खंड कार्यालयों में तैनात क्लर्क तक आफिस समय पर नहीं पहुंच रहे हैं। यहां काम कराने आने वाले लोगों की मानें तो 11 बजे से पहले क्लर्क नहीं पहुंचते जिससे उन्हें परेशानी होती है।

संपत्ति कार्यालय

समय 10:30 मिनट संपत्ति कार्यालय की बात करें तो यहां संपत्ति प्रबंधक सुनील शर्मा अपने कार्यालय में पहुंच चुके थे, लेकिन उनके बराबर के कमरे में कम्प्यूटर कक्ष में तैनात क्लर्क 11 बजे तक भी यहां नहीं पहुंचे, जिसके चलते लोग परेशान रहे।

इसी कार्यालय में तैनात लेखाकार टीपी गुप्ता भी अपने कार्यालय में नहीं थे उनकी कुर्सी भी खाली पड़ी थी। यही हाल यहां संपत्ति कार्यालय के अन्य कुर्सियों का भी था।

यहां कर्मचारियों की कुर्सियां तो थी, लेकिन वह खुद समय पर आफिस नहीं पहुंचे, जबकि संपत्ति कार्यालय के प्रबंधक सुबह 10 बजे ही कार्यालय पहुंच चुके थे ऐसे में जो लोग यहां क्लर्कों से किसी प्रकार की जानकारी लेने के लिये कार्यालय पहुंच रहे थे वह सही जानकारी प्राप्त नहीं कर पा रहे थे।

निर्माण खंड

आवास विकास कार्यालय के निर्माण खंड की बात करें तो यहां पहले से ही अधिकारियों की कमी है। एक-एक अधिकारी पर कई कई जिले हैं जिस कारण अधिकारी एक दिन मेरठ तो एक दिन बुलंदशहर और एक दिन सहारनपुर और गाजियाबाद जिला देखते हैं ऐसे में सभी जिलों को संभाल पाना लगभग मुश्किल हो जाता है, लेकिन अधिकारियों के बारे में तो समझा जा सकता है कि वह दूसरे जिले में हैं लेकिन अधिकारियों के न होने पर यहां क्लर्क भी अपनी मर्जी चलाते हैं।

मंगलवार को इस खंड में भी क्लर्क 10:45 तक अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे थे। यहां निर्माण खंड पांच में प्रवेश करते ही सीधे हाथ पर क्लर्क की कुर्सी खाली पड़ी थी।

अब आप इस बात से खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का यहां किस प्रकार पालन हो रहा है। यहां अधिकारी तो समय पर पहुंच रहे हैं, लेकिन र्क्लकों की मनमानी से लोग परेशान हैं।

एससी साइट पर, तो एक्सईएन कार्यालय में

उधर, जब हम यहां स्थित एससी राजीव कुमार के कार्यालय में पहुंचे तो यहां भी स्टाफ एक कमरे में बैठा मिला। अन्य कार्यालयों में कुर्सियां खाली मिली। जब इस संबंध में अधिकारियों से बात हुई तो पता चला कि वह विवि में राज्यपाल के कार्यक्रम के चलते साइट पर हैं।

उनके पास ही स्थित अन्य निर्माण खंड कार्यालय में एक्सईएन नीरज कुमार अपने कार्यालय में कार्य कर रहे थे तो अन्य स्टाफ में कुछ स्टाफ यहां मौजूद था तो कुछ यहां अभी तक पहुंचा नहीं था। जेई दुजईराम अपने कार्यालय में थे एक अन्य जेई अनिल कुमार का कमरा खाली था।

क्लर्कों की कुर्सियां भी खाली पड़ी थी। अब कहा जा सकता है कि विभाग के अधिकारी तो समय पर पहुंच रहे हैं, लेकिन कर्मचारी ही उनकी एक नहीं सुन रहे हैं।

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