जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रोहटा रोड स्थित गॉडविन पब्लिक स्कूल में सोमवार को कला एवं सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों में सृजनात्मक, वैज्ञानिक और सामाजिक सोच का विकास करना था।कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के निदेशक भूपेंद्र सिंह बाजवा और जितेंद्र सिंह बाजवा ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्कूल प्रांगण रचनात्मक ऊर्जा और विद्यार्थियों की प्रतिभा से सराबोर रहा।

छात्रों की रचनात्मकता और प्रतिभा ने जीता सभी का दिल
प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपने हाथों से तैयार स्वनिर्मित मॉडल्स, कलाकृतियां और हस्तशिल्प प्रस्तुत किए। इन मॉडलों में भारतीय संविधान, लोकतंत्र की विशेषताएं, जलवायु परिवर्तन, भारतीय संस्कृति, जनसंख्या एवं संसाधन, के साथ-साथ बुलंद दरवाजा, इंडिया गेट, चारमीनार, एफिल टॉवर, ज्वालामुखी, हड़प्पा-मोहनजोदड़ो की सभ्यता जैसे ऐतिहासिक व सामाजिक विषयों को बेहतरीन तरीके से दर्शाया गया।
“करके सीखो” की नीति पर आधारित इस प्रदर्शनी ने छात्रों को शैक्षणिक और व्यवहारिक ज्ञान को जोड़ने का अनूठा अवसर प्रदान किया।
अभिभावकों और आगंतुकों ने की सराहना
प्रदर्शनी को देखने आए अभिभावकों और आगंतुकों ने छात्रों के कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें प्रोत्साहित किया। छात्रों ने न केवल अपने मॉडलों की विस्तृत जानकारी दी, बल्कि सामाजिक समस्याओं के समाधान हेतु नवीन विचार भी प्रस्तुत किए।
प्रधानाचार्य का प्रेरणादायक संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विनम्र शर्मा ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा “इस प्रकार की प्रदर्शनी बच्चों में न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देती है, बल्कि उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करती है।”
शिक्षकों का रहा सराहनीय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम चौहान, कला विभाग प्रमुख प्रियांक चटर्जी, रेशमा यादव, वर्षा मलिक, त्रिशूल कुमार, और अरीबा सहित अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन कर उनकी प्रतिभा को मंच प्रदान किया।

