- आम के बाग में चला आरा, कटे हरे पेड़ों को लगाया ठिकाने
जनवाणी संवाददाता |
गंगानगर: लगातार आए दिन सुर्खियों में रहने वाला गंगानगर मैन डिवाइडर रोड स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय कभी छात्रों को फेल करके भविष्य से खिलवाड़ करता है तो कभी विश्वविद्यालय परिसर में छात्र गुटों में फायरिंग झगड़े और हत्या जैसी घटनाओं से चर्चाओं में बना रहता है। अभी हाल ही में बी-फार्मा, डी-फार्मा के 300 छात्रों को फेल करने का मामला शांत भी नहीं हुआ था।
गुरुवार को ऐसा ही मामला आईआईएमटी विश्वविद्यालय का प्रकाश में आया मामले की पड़ताल करने के लिए जनवाणी टीम आईआईएमटी विश्वविद्यालय परिसर के पिछले हिस्से में बने खेल मैदान से सटे ऋषि गृहम के बराबर में नर्सरी पर पहुंची। नर्सरी के ठीक बराबर में 2 बीघा जमीन पर खड़े आम के बाग को रातो रात आरा चलवा कर कटवा दिया गया, जिसमें सैकड़ों हरे-भरे आम के पेड़ काटकर उनको ठिकाने लगाने के बाद जमीन को समतल करके बेसमेंट बनाने की तैयारी चल रही है।
उसके ऊपरी हिस्से में एक बिल्डिंग का निर्माण होने की भी जानकारी है। बताया गया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने वन विभाग से नहीं तो किसी प्रकार की लिखित रूप में कोई अनुमति ली है और नहीं वन विभाग को आम के पेड़ काटने के संबंध में कोई सूचना दी गई है। बड़ा सवाल यह है कि जिस आम के पेड़ के पत्तों को, लकड़ियों को, शुभ कार्यों में पूजा जाता है, उन पर आरा चलवा कर हरियाली को खत्म कर दिया।
क्या वन विभाग को इसकी कानों कान तक भनक नहीं लगी। इसे आईआईएमटी प्रशासन की तानाशाही कहेंगे या आईआईएमटी कुलपति योगेश मोहन गुप्ता के रसूख का दम। वन विभाग इस प्रकरण में आईआईएमटी प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई को कितना अमली जामा पहनाता है, ये देखने वाली बात होगी।

