जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: सीजीएसटी (CGST) के मुंबई स्थित भिवंडी आयुक्तालय की टीम ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) पाने के लिए फर्जी बिलों के आधार पर दावा करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरंभिक रूप से 41 करोड़ के फर्जी बिलों के आधार पर 18 करोड़ के आईटीसी का पता चला है। मामले में एक फर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
सीजीएसटी भिवंडी के आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि यह गिरोह नकली जीएसटी चालान के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा उठाने में जुटा था। इस गिरोह से जुड़ी एक फर्म ने 14.30 करोड़ रुपये के फर्जी बिलों के माध्यम से 2.57 करोड़ रुपये के आईटीसी का लाभ उठाया था। मामला पकड़ में आते ही फर्म के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया।
CGST Bhiwandi Commissionerate in Mumbai Zone busted a fake GST invoice racket that was used to avail & pass on fake Input Tax Credit of around Rs 18 cr on bogus invoices of Rs 41cr. One person has been arrested in this matter under CGST Act: Sumit Kumar Commissioner,CGST Bhiwandi
— ANI (@ANI) August 19, 2022
जिस फर्म के कर्ताधर्ता को दबोचा गया है, उसका नाम मेसर्स विश्वकर्मा एंटरप्राइजेज है। उसने 14.30 करोड़ रुपये के फर्जी चालान पर 2.57 करोड़ रुपये के आईटीसी का लाभ उठाया। आरोपी को सीजीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 69 के तहत सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 132 के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसे भिवंडी सीजीएसटी कमिश्नर द्वारा जमानत पर रिहा कर दिया गया।
यह मामला टैक्स धोखाधड़ी करने वालों और फर्जी आईटीसी नेटवर्क के खिलाफ सीजीएसटी मुंबई जोन द्वारा शुरू किए गए विशेष अभियान का हिस्सा है। पिछले एक साल में सीजीएसटी भिवंडी द्वारा की गई गिरफ्तारी का यह 15 वां मामला है। आगे जांच जारी है।

