जनवाणी संवाददाता |
बढ़ापुर: थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के आंगन माँ के साथ सो रही एक छः माह की बच्ची को गुलदार उठा कर ले गया। काफी समय बाद बच्ची के गायब होने पर परिजनों ने डायल 112 को सूचना दी जिसके बाद परिजनों ने पुलिस व ग्रामीणों के साथ पास के गन्ने के खेत में खोजबीन की जहाँ पर बच्ची के मांस के टुकड़े के साथ खून के निशान भी भी मौके पर मिले। सूचना पर पहुची बढ़ापुर पुलिस व वन विभाग की टीम ने आस पास के क्षेत्र में कॉम्बिंग की परन्तु अभी तक बच्ची का कोई पता नही चल पाया है। घटना की सूचना मिलने पर उप प्रभागीय वनाधिकारी राजीव कुमार बढ़ापुर वन रेंजर कपिल कुमार व प्रभागीय वनाधिकारी मनोज शुक्ला भी मौके पर पहुँच गए।
थाना क्षेत्र के गांव नूरपुर अरब निवासी महबूब आलम ने अपनी पुत्री फिरोजा का विवाह करीब दो वर्ष पहले नगीना थाना क्षेत्र के गांव जीतपुर पडली निवासी अरशद के साथ किया था। अरशद गुजरात के अहमदाबाद में रहकर काम करता है जिस कारण बीते करीब 10 माह से फिरोजा अपने पिता महबूब के घर पर ही रह रही थी। शुक्रवार को देर रात्री फिरोजा अपने परिजनों व पुत्री सहित घर के आंगन में सोई हुई थी। रात्री करीब 2 बजे छः माह की बच्ची सिदरा के रोने के आवाज सुनकर परिजनों ने बच्ची दूध पिलाया। माँ को दौरा पड़ने के कारण बच्ची को डिब्बे का दूध पिलाया जाता था। शुक्रवार को देर रात्री करीब एक बजे भी फिरोजा को दौर पड़ने के कारण फिरोजा बदहवास हालत में सो रही थी।
रात्री करीब तीन बजे फिरोजा ने होश में आने पर देखा तो बच्ची उसके पास नही थी जिस कारण फिरोजा ने अपने परिजनों से सिदरा के बारे में पता किया तो परिजन भी बेचैन हो उठे औऱ बच्ची के लापता होने की सूचना डायल 112 को दी सूचना पर पहुचीं पुलिस ने ग्रामीणों व परिजनों के साथ पास के गन्ने के खेत मे खोजबीन की तो गन्ने के खेत मे ही बच्ची के मांस का टुकड़ा व खून के निशान मिले जिसके बाद घटना की सूचना बढ़ापुर पुलिस सहित वन विभाग को दी जिस पर वन रेंजर कपिल कुमार भी मौके पर पहुचे ओर टीमों के साथ पास के खेतों में कॉम्बिंग की परन्तु सिदरा का कुछ पता नही चल पाया। वन विभाग की टीम को गन्ने के खेत मे गुलदार के पंजो के निशान मिले जिसके साथ मे एक छोटे बच्चे के भी पैरो के निशान मिले जिस कारण वन विभाग का कहना है कि यह मादा गुलदार का काम जिसके साथ मे छोटा बच्चा भी है।
मौके पर पहुँचे प्रभागीय वनाधिकारी मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि ग्रामीण अपने आप को सुरक्षित रखे बच्चो के रात्री के समय बाहर न निकलने दे तथा शौच के लिये भी इक्कठे जाएं अकेले खेतों में न जाये।

