- मां पार्वती और महादेव की पूजा से घर में आएगी समृद्धि
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रत्येक वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरियाली तीज का त्योहार मनाया जाता है। इस साल हरियाली तीज का यह पर्व 31 जुलाई को मनाया जाएगा। इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहा जाता है। सावन माह में पड़ने वाली हरियाली तीज का त्योहार खास माना जाता है।
सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का त्योहार बहुत महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि हरियाली तीज के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन हुआ। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की दीघार्यु की कामना से व्रत रखती हैं और विधि-विधान से पूजा करती हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल हरियाली तीज पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस योग में पूजा विशेष फलदायी मानी जाएगी। ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी के अनुसार रवि योग को शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। कहा जाता है कि रवि योग पर भगवान सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में शुभ प्रभावों में वृद्धि होती है। हरियाली तीज के दिन 31 जुलाई को रवि योग दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 1 अगस्त को सुबह 6 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।
हरियाली तीज पर कैसे करें पूजा
हरियाली तीज के दिन व्रती महिलाएं सुबह स्नान के बाद मायके से आए हुए कपड़े पहनें। फिर पूजा के शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर माता पार्वती के साथ भगवान शिव और गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद मां पार्वती को 16 शृंगार की सामग्री, साड़ी, अक्षत, धूप, दीप व गंध आदि अर्पित करें। साथ ही शिव जी को भांग, धतूरा, अक्षत, बेल पत्र, श्वेत फूल, गंध, धूप, वस्त्र आदि चढ़ाएं। इसके बाद गणेश जी की पूजा करते हुए हरियाली तीज की कथा सुनें। फिर भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
महिलाओं को भा रही लहरिया प्रिंट की साड़ी
सावन का महीना, बारिश की फुहार, तीज की मस्ती और सखियों का साथ। यह सब सावन में ही देखने को मिलता है। वहीं इस महीने खास पहनावा ना हो यह कैसे हो सकता है। तीज का त्योहार नजदीक है। तीज को लेकर कपड़ों का बाजार भी सजकर तैयार हो गया है। वहीं इस वर्ष तीज के लिए बाजार में खास लहरिया प्रिंट की साड़ियों को उतारा गया हैं, जो देखने में तो आकर्षक है ही साथ ही कपड़ा भी लाजवाब है।
दिल्ली रोड स्थित कल्याण जी साड़ी के संचालक ने बताया कि लहरिया स्टाइल साड़ियों की खास बात यह है कि इनका क्रेज बस इसी माह ज्यादा रहता है। इसलिए इस समय बाजार में लहरिया प्रिंट में डिजाइनर साड़ियों की बहार हैं, जिसे पहनकर महिलाएं अपनी खूबसूरती को और बढ़ा सकती है।

इनकी कीमत 500 रुपये से शुरु है। इस समय लहरिया में सबसे ज्यादा फ्यूजन डिजाइन को पसंद किया जा रहा है। इसके लिए बंधेज के साथ लहरिया को मिक्स मैच किया जाता है। ताकि ड्रेस को ज्यादा परंपरागत लुक दिया जा सकें। वहीं बात दुल्हन की हो तो उन्हें हैवी लहरिया वर्क वाली साड़ी अधिक पसंद आ रही है। लहरिया में गोटा पत्ती के साथ कुंदन का मेल भी खूब फब रहा है।
रंग भी खास
लहरिया साड़ियों में मौसम को देखते हुए कई रंग भी आसानी से उपलब्ध है। इसमें ट्रेडिशनल के साथ साफ्ट कलर को अधिक पसंद किया जा रहा है। वहीं बंधेज का हाफ डिजाइन भी कुछ कम नहीं है। वैसे तो गोल्डन वर्क महिलाओं के बीच हमेशा से प्रचलित रहा है। इसमें भी साड़ियों को उतारा गया है। लहरिया में यदि देखा जाए तो हैवी गोटा पत्ती वाली साड़ी अधिक बिक रही हैं, जिसकी कीमत दो हजार से शुरू होकर पांच हजार रुपये तक है।
पहली तीज के लिए जमकर की खरीदारी
ओढ़कर लाल चुनरियां, चूड़िया हरी-लाल पहन गुजरिया, आया सावन माह मां ने पीहर बुलाया, मिले प्रेम उपहार। नवविवाहितों के लिए हर त्योहार वैसे तो पहली बार की गिनती में ही गिना जाता है। मगर तीज का त्योहार तो उनके लिए बेहद खास होता है।
इसमें सोलह शृंगार कर सखियों के साथ झूला झूलने और सखियों के बीच पिया की बाते करने का आनंद ही कुछ अलग होता है। लड़कियों की शादी के बाद पहली तीज मायके में ही मनाई जाती है। जिसे लेकर घरों में विशेष तैयारियां चल रही है। बहु की पहली तीज के लिए सास और मां तैयारियों में जुटी हुई है। वहीं दुल्हनें खुद भी ब्यूटी पार्लर, मेहंदी, झूला और लहंगे तैयार कराने में लगी हुई। ऐसी ही कुछ नवविवाहितों ने अपनी पहली तीज पर अपने दिल की बात जनवाणी से साझा की।
कुछ अलग-सा हो रहा महसूस
रंजना राजपूत का रिश्ता हो चुका है और शादी से पहले वह तीज मनाने जा रही है। उनको ससुराल की ओर से भी तीज का समान आने वाला है। उन्होंने भी तीज को लेकर जमकर खरीदारी की है। उसके बाद वह तीज वाले दिन अपनी सखियों के साथ मिलकर झूला भी झूलने वाली है। इसलिए इस बार उन्हें अलग सा महसूस हो रहा है। इतना ही नहीं वह तीज के लिए पहले से बाजार में खरीदारी भी कर रही है।
बहुत भावुक पल होता हैं राखी
सलोनी का कहना है कि शादी के बाद इस बार मेरी पहली तीज है। उन्होंने बताया कि तीज पर उन्हें सजना संवरना बेहद पसंद है। शादी के बाद मायके में पहली तीज मनाने जाना उनके लिए बेहद सुखद है। उससे भी ज्यादा भावुक कर देना वाला है रक्षाबंधन। जिसको मनाने के बाद ही वह ससुराल लौटने वाली है। वहीं तीज के लिए पहले से ही उनके ससुराल वालों ने तीज सेलीब्रेशन का आंनद लिया है।
दुल्हन की तरह सजंूगी
डोली का कहना है कि उनकी शादी के बाद यह पहला सावन है। वैसे भी शादी के बाद पहले साल के सभी त्योहार बेहद खास होते है। इसमें तीज का त्योहार तो मनोरंजन और उत्साह का पर्व है। इसलिए हरियाली तीज पर दुल्हन की तरह सजूंगी।

