Sunday, April 5, 2026
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रोहटा सीएचसी में चिकित्सकों का अभाव, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई

अफसरों की टेढ़ी नजर, चिकित्सकों का लगा रहा आना जाना

जनवाणी ब्यूरो |

रोहटा : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकों का भारी टोटा चल रहा है। अफसरों की तिरछी नजर के चलते पिछले एक साल के अंदर आधा दर्जन से अधिक चिकित्सकों को यहां तैनात करने के बाद रवानगी का रास्ता दिखा दिया गया।

इसके चलते अब कोरोना जैसे काल में सीएचसी पर चिकित्सकों के मुहैया न होने से चिकित्सा सेवाएं ठप पड़ गई हैं। चिकित्सकों के भारी अभाव के चलते दो-दो उप स्वास्थ्य केंद्र तक खाली पड़े हुए हैं।

यही नहीं एएनएम का भी यहां भारी टोटा है। कुल मिलाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीन चिकित्सा सेवा हाल-बेहाल हैं लेकिन इस ओर से अफसर अनजान बने हुए हैं।

रोहटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अफसरों की तिरछी नजर के चलते स्वास्थ्य सेवाएं हाल-बेहाल होकर रह गई हैं। यहां पिछले एक साल के दौरान चिकित्सकों का आना जाना लगा रहा।

जिस कारण पूरे वर्ष यहां चिकित्सा सेवाओं नाम मात्र का ही संचालन हो पाया। यहां वैसे तो अरसे से प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में डॉक्टर सुधीर कुमार का कार्यकाल सफल भी रहा।

उन्होंने यहां चिकित्सा सेवाएं बेहतर करने के दूरगामी प्रयास भी किए। लेकिन उनका लगभग एक साल पहले जिला सर्विलांस अधिकारी पद पर ट्रांसफर हो जाने के बाद डॉ. विपिन कुमार को यहां प्रभारी बनाया गया, जो बमुश्किल चार महीने भी नहीं टिक पाए।

उनके रहते हुए यहां स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई थीं। जिसके चलते अफसरों ने उन्हें हटा दिया। इसके अलावा डॉक्टर सचिन गुप्ता का भी यहां से ट्रांसफर कर दिया गया। जिससे यहां पुरुष चिकित्सकों का टोटा हो गया।

यहां तैनात डॉ नम्रता सिंह पिछले दो साल से गायब चल रही हैं, उनका कोई अता-पता नहीं है। जबकि उनकी पोस्टिंग रोहटा में ही दिखाई जा रही है। इसी तरह डॉ. तृप्ति ने भी यहां से ट्रांसफर करा लिया।

जिसके चलते पुरुष चिकित्सकों के बाद महिला चिकित्सकों का भी यहां भारी टोटा है। अब लगभग एक महीने पहले यहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के रूप में डॉ. अमर सिंह को चिकित्सा अधिकारी बनाया गया। लेकिन, यहां पुरुष व महिला चिकित्सकों का भारी अभाव होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं।

इसके अलावा यहां तैनात एकमात्र महिला चिकित्सक डॉ. नेहा मातृत्व अवकाश पर चल रही हैं। जिसके चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बागडोर फिलहाल प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमर सिंह के ऊपर है।

इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत कलीना व घसौली में तैनात चिकित्सकों को रात्रि के समय चिकित्सा बहाल करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात कर दिया गया है।

जिसके चलते दोनों उप स्वास्थ्य केंद्र फिलहाल खाली पड़े हैं। यही नहीं यहां डालमपुर सहित कई गांवों पर एएनएम का भी भारी टोटा है। इससे गांव भी चिकित्सा का लड़खडाई हुई है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक मात्र फार्मेसिस्ट है। जबकि चौकीदार स्वीपर की भी यहां पोस्टिंग नहीं होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक तरह से खाली चल रही है और तथा चिकित्सा व्यवस्था बुरी तरह से चरमराई हुई है।

बहरहाल जो भी हो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अफसरों की तिरछी नजर हो या फिर राजनीति का दखल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। लोग चिकित्सा मुहैया कराने को भटक रहे हैं, लेकिन इसे लेकर जिले के अफसर इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हुए हैं।

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अमर सिंह ने बताया कि अफसरों को पूरी स्थिति से अवगत करा दिया गया है तथा स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की जद्दोजहद जारी है। वहीं स्थानीय विधायक जितेंद्र पाल सिंह सतवाई ने बताया कि अफसरों को इस संबंध में लिखा जा चुका है शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की पूरी कोशिश की जा रही है।

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