- पूर्व में भी डीएम, सीएमएस व सांसदों को कराया अवगत, प्रगति शून्य
- बिजनौर में कभी भी हो सकता है गाजियाबाद के मुरादनगर जैसा हादसा
जनवाणी ब्यूरो |
बिजनौर: जनता की सेवा करने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी को जान जोखिम में डालकर मेडिकल कालोनी के जीर्ण शीर्ण हो रह मकानों में रहना पड़ रहा है। पूर्व में भी सांसदों, बिजनौर नगरपालिका अध्यक्ष, मुख्यचिकित्सा अधीक्षक और डीएम आदि को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन प्रगति शून्य है। उधर यहां भी गाजियाबाद के मुरादनगर जैसा हादसा हो सकता है।

रात दिन जनता की सेवा करने वाले स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर मेडिकल कालोनी के जीर्ण-शीर्ण हो रहें मकानों में रहने के लिए मजबूर हैं। रामवतार गुप्ता, मूलचंद, बीरबल सिह, शारदा देवी, राजकुमार लालबहादुर आदि कालोनी निवासी ने बताया कि मकानों के हालात ये हैं कि मकानों के छज्जे, बालकनी आदि टूट-टूट कर गिर रहें हैं।

कालोनी की नाली, नाले जगह-जगहों से टूटे और गंद्गी से भरें है। साफ सफाई न होने के कारण गंद्गी व मच्छरों का प्रकोप बना है, जिससे संक्रमण होने का खतरा बना रहता है। कालोनी के कई कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों को डेंगू ,अन्य बिमारियों से ग्रसित होते रहते हैं।
कालोनी में सुअर आवारा जानवर भी आदि घूमते रहते है जो चारों तरफ गंद्गी और नालियों में तोड़फोड़ करते रहते हैं। कॉलोनी की सड़कों की हालत बहुत ही खराब है, चलना भी मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों को रात्रि में दिन में आने जाने में बहुत परेशानी होती है।
कालोनी की हालत के संबध में अनेकों बार सूचना दिए जाने के बाद भी इसके समाधान के लिए संबधित विभाग उदासीनता बरत रहा है। उधर, सीएमएस डा. ज्ञानचंद ने कहा कि इस संंबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर समस्या का हल कराया जाएगा।

